Anant Chaturdashi 2022: पूजा विधि
इस दिन सुबह सुबह स्नान कर साफ सुथरे कपडे़ पहन लें.
उसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें और पूजा स्थल पर कलश की स्थापना करें.
कलश पर कुश से बने अनंत की स्थापना करें.
आप अगर चाहें तो भगवान विष्णु की प्रतिमा भी लगा सकते हैं.
अब एक डोरी या धागे में कुमकुम, केसर और हल्दी से रंगकर अनंत सूत्र बना लें, जिसमें 14 गांठें लगाएं.
इस सूत्र को भगवान विष्णु को अर्पित करें.
अब भगवान विष्णु और अनंत सूत्र की षोडशोपचार विधि से पूजा शुरू करें.
Anant Chaturdashi 2022: अनंत चतुर्दशी व्रत के नियम
– अंनत चतुर्दशी का व्रत करने वाले साधक को ब्रह्ममुहूर्त में उठना चाहिए और स्नान आदि करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए.
– इस दिन भगवान विष्णु, माता यमुना और शेषनाग जी की पूजा की जाती है, इसलिए इनकी पूजा अवश्य करें.
– अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के साथ कलश के रूप में माता यमुना और दूर्वा के रूप में शेषनाग जी को स्थापित करें
– इस दिन अनंत सूत्र भी धारण किया जाता है, इसलिए पूजा के समय 14 गांठों वाला अनंत धागा भगवान विष्णु के चरणों में अवश्य रखें, इसके बाद ही इसे धारण करें
– अनंत चतुर्दशी के दिन आपको अनंत चतुर्दशी की कथा अवश्य सुननी और पढ़नी चाहिए