ALERT: 22 करोड़ लोगों के मोबाइल से गायब हो सकता है नेटवर्क; क्या आपका नंबर सेफ है?

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ALERT: 22 करोड़ लोगों के मोबाइल से गायब हो सकता है नेटवर्क; क्या आपका नंबर सेफ है?

TRAI को इंडस ने साफ रूप से यह कह दिया है कि VI यदि भुगतान नहीं करती है, तो इंडस कोर्ट की ओर अपना रुख करेगी. इसके साथ ही वह अपने माध्यम से VI यूजर्स को दी जानेवाली टेलीकॉम सर्विस को भी बंद कर सकती है.

अगर आपके मोबाइल पर नेटवर्क गायब हो जाए, तो क्या होगा? कॉल, इंटरनेट, सोशल मीडिया, मैसेजिंग सब कुछ बंद. ऐसा ही कुछ वोडाफोन-आइडिया (VI) के ग्राहकों के साथ आने वाले समय में हो सकता है. Vi यूजर्स को नेटवर्क संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है. खबर है कि भारी कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडा-आइडिया (Voda Idea) के 22 करोड़ ग्राहकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. नवंबर से कंपनी का नेटवर्क बंद हो सकता है.

वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) पर इंडस टावर्स (Indus Towers) का लगभग 7,000 करोड़ रुपये का बकाया है. इंडस टावर्स ने धमकी दी है कि अगर कंपनी ने जल्दी से उसके बकाये का भुगतान नहीं किया, तो नवंबर से उसे टावर्स को ऐक्सेस नहीं दिया जाएगा. मतलब यह कि वोडाफोन आइडिया के कस्टमर्स के लिए नेटवर्क बंद हो जाएगा.

VI इंडस टावर्स की मुख्य ग्राहक है और कंपनी का नेटवर्क इसी पर काम करता है. बता दें कि भारत में होने वाली हर 5 में से 3 कॉल इंडस टावर्स के जरिये होती है. कंपनी का जाल पूरे देश में फैला हुआ है. इंडस टावर्स VI समेत दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटर्स को इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करती है, जिसकी सहायता से टेलीकॉम कंपनियों के नेटवर्क देशभर में उपलब्ध होते हैं.

इंडस टावर्स ने TRAI को यह कहा है कि कंपनी VI को नेटवर्क सपोर्ट देना बंद कर सकती है, क्योंकि वोडाफोन आइडिया ने कर्ज का भुगतान नहीं किया है. रिपोर्ट्स की मानें, तो VI पर 7864.5 करोड़ रुपये का ब्याज समेत कर्ज है, लेकिन कंपनी यह भुगतान कर पाने में असमर्थ है. यही वजह है कि इंडस टावर्स कंपनी VI का नेटवर्क सपोर्ट बंद कर सकती है.

TRAI को इंडस ने साफ साफ रूप से यह कह दिया है कि VI यदि भुगतान नहीं करती है, तो इंडस कोर्ट की ओर अपना रुख करेगी. इसके साथ ही वह अपने माध्यम से VI यूजर्स को दी जानेवाली टेलीकॉम सर्विस को भी बंद कर सकती है. अगर ऐसा होता है, तो देश में 22 करोड़ VI यूजर्स को नुकसान पहुंचेगा. उनके मोबाइल पर नेटवर्क आना बंद हो सकता है.

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By Rajeev kumar

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