AIIF Polls: एआईएफएफ को मिलेगा पहला ‘खिलाड़ी' अध्यक्ष, भूटिया पर चौबे का पलड़ा भारी

शुक्रवार को होने वाले चुनाव में एआईएफएफ अध्यक्ष पद की दौड़ में भारत के महानतम खिलाड़ियों में से एक बाईचुंग भूटिया का सीधा मुकाबला मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के पूर्व गोलकीपर कल्याण चौबे से होगा.

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) में बदलाव की बयार बह रही है और महासंघ को शुक्रवार को होने वाले चुनाव में अपने 85 साल के इतिहास में पहला ऐसा अध्यक्ष मिलेगा जो पूर्व खिलाड़ी होगा. शुक्रवार को होने वाले चुनाव में एआईएफएफ अध्यक्ष पद की दौड़ में भारत के महानतम खिलाड़ियों में से एक 45 साल के बाईचुंग भूटिया का सीधा मुकाबला मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के पूर्व गोलकीपर कल्याण चौबे से होगा.

चौबे अध्यक्ष पद की दौड़ में आगे

चौबे को गुजरात और अरुणाचल प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों से समर्थन मिलने के कारण अध्यक्ष पद की दौड़ में जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. चौबे पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि उन्हें पर्याप्त राजनीतिक समर्थन मिल रहा है जो इस खेल के खेल संस्थानों के चुनाव में काफी महत्वपूर्ण होता है. इस तरह की चर्चा है कि चौबे को पूर्वोत्तर के सबसे प्रभावशाली राजनेताओं में से एक का समर्थन हासिल है जिसकी भारतीय खेलों में सक्रिय रुचि है.

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भूटिया को घरेलू राज्य संघ सिक्किम ने का समर्थन नहीं

भारतीय फुटबॉल से जुड़े कई लोगों का मानना है कि यही कारण है कि भूटिया के घरेलू राज्य संघ सिक्किम ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन नहीं किया है. दो अन्य शीर्ष पदों महासचिव और कोषाध्यक्ष के लिए भी दो उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है. राजस्थान फुटबॉल संघ के अध्यक्ष और कांग्रेस के नेता मानवेंद्र सिंह और एनए हारिस उपाध्यक्ष पद के लिए आमने-सामने हैं. वहीं कोषाध्यक्ष पद के लिए आंध्र प्रदेश राज्य संघ के अध्यक्ष गोपालकृष्ण कोसाराजू और अरुणाचल प्रदेश के किपा अजय दो उम्मीदवार मैदान में हैं.

एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष, एक कोषाध्यक्ष और 14 कार्यकारिणी सदस्यों के लिए

निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचक मंडल के रूप में राज्य संघों के 34 प्रतिनिधियों की सूची जारी की है. एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष, एक कोषाध्यक्ष और 14 कार्यकारिणी सदस्यों के पदों के लिए चुनाव होना है. छह पूर्व खिलाड़ियों (चार पुरुष और दो महिलाओं) को बाद में मतदान अधिकार के साथ कार्यकारी समिति के सदस्यों के रूप में शामिल किया जाएगा. कार्यकारी समिति के सदस्यों की समान संख्या के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने से सभी 14 उम्मीदवारों को विजेता घोषित किए जाने की तैयारी है.

भारत में होगा फीफा महिला अंडर -17 विश्व कप

.उच्चतम न्यायालय ने भारत में महिला अंडर -17 विश्व कप की मेजबानी को बचाने के लिए 22 अगस्त को एक फैसले में सीओए को हटा दिया था और 36 पूर्व खिलाड़ियों को निर्वाचक मंडल में शामिल करने की अनुमति नहीं दी तथा चुनाव को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया था. फीफा के एआईएफएफ को निलंबित करने के बाद उच्चतम न्यायालय ने यह फैसला दिया था. फुटबॉल की वैश्विक संचालन संस्था फीफा ने हालांकि 26 अगस्त को भारत पर लगा प्रतिबंध हटा दिया और देश में अक्टूबर में अंडर-17 महिला विश्व कप की मेजबानी का रास्ता साफ हो गया.

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