सरायकेला के राजनगर क्षेत्र में डायरिया से एक ग्रामीण की मौत, मेडिकल टीम ने किया कैंप, गांव पहुंचे सिविल सर्जन

jharkhand news: सरायकेला के राजनगर स्थित बाना टांगरानी गांव में डायरिया से एक ग्रामीण की मौत हो गयी. इस घटना के बाद से गांव में मेडिकल टीम कैंप कर रही है. वहीं, सोमवार को सिविल सर्जन ने गांव का दौरा कर स्वास्थ्यकर्मियों को कई दिशा-निर्देश दिये.

Jharkhand news: सरायकेला जिला अंतर्गत राजनगर प्रखंड के बाना टांगरानी गांव में फैले डायरिया से एक ग्रामीण की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सर्तक हो गया है. मौत की सूचना पर जहां मेडिकल टीम अब हर दिन ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर रही है, वहीं सोमवार को सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने गांव का दौरा किया.

निरीक्षण के क्रम में सीएस डॉ कुमार ने सबसे पहले डायरिया फैलने के बारे में जानकारी हासिल किया. जिस पर पाया गया कि जिस पाइप लाइन से ग्रामीण पानी पीते हैं उसका पाइप फटा हुआ है. पाइप फटने से दूषित पानी का रिसाव हो रहा है. इसी पानी का उपयोग कर ग्रामीण डायरिया के शिकार हो रहे हैं. सीएस ने ग्रामीणों को पानी गर्म कर पीने की सलाह देते हुए ओआरएस घोल पीने, उल्टी-दस्त होने पर तुरंत आंगनबाड़ी सेविका या सहिया के माध्यम से सूचित करने को कहा, ताकि डायरिया और नहीं फैले.

सीएस ने गांव में स्थिति देखते हुए मेडिकल टीम को लगातार कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य जांच करने का निर्देश दिया. सीएस ने कहा कि मेडिकल टीम चौबीसों घंटा तत्पर है. डायरिया के नये केस आते हैं, तो तुरंत इसकी सूचना दें. सीएस ने गांव में स्थिति सामान्य होने की बात कहते हुए कहा कि जितने भी लोग आक्रांत हैं वो सभी खतरे से बाहर हैं. जल्द ही डायरिया से ठीक हो जायेंगे.

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पहुंची मेडिकल टीम, 32 लोगों के स्वास्थ्य का किया गया जांच

बाना टांगरानी गांव में डायरिया से एक व्यक्ति की मौत के बाद मेडिकल टीम गांव पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य का जांच कर रही है. वहीं, सोमवार को पहुंची मेडिकल टीम ने 32 लोगों के स्वास्थ्य का जांच करते हुए लक्षण आदि की जानकारी हासिल किया. सीएस डॉ विजय कुमार ने बताया कि डायरिया से एक व्यक्ति की मौत के बाद गांव में मेडिकल टीम को सभी ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करने को कहा गया है. साथ ही ओआरएस पाउड़र दिया जा रहा है. अगर उल्टी-दस्त हो, तो ओआरएस पाउडर का घोल बनाकर पीयें.

पानी का लिया गया सैंपल, जांच के लिए भेजा जायेगा प्रयोगशाला

सीएस डॉ विजय कुमार ने कहा कि गांव में डायरिया फैलने के कारणों की जांच करते हुए पानी का सैंपल लिया गया है. इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जायेगा. प्रथमदृष्टया जांच में पाइप के पानी फटने व दूषित जल के सेवन से ही डायरिया फैलने की बात सामने आ रही है. सीएस ने ग्रामीणों को बासी भोजन का सेवन नहीं करने, गर्मागर्म भोजन करने, अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस का घोल बनाकर पीने व उल्टी-दस्त होने पर इसकी सूचना सेविका या सहिया के माध्यम से देने का निर्देश भी दिया है.

बाना सीएचसी का भी किया निरीक्षण

सीएस डॉ विजय कुमार ने बाना टांगरानी स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण करते हुए एएनएम की उपस्थिति से लेकर उपलब्ध सुविधा के बारे में जानकारी हासिल किया. निरीक्षण में सीएस ने कहा कि उपस्वास्थ्य केंद्र भवन में जल्द से जल्द चिकित्सकों के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति संबंधी विभाग को अवगत कराया गया है. उन्होंने एएनएम को हर दिन उपस्वास्थ्य केंद्र में बैठने व लोगों को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

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Posted By: Samir Ranjan.

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