YouTube कर रहा है Sleep Timer फीचर की टेस्टिंग, जानिए क्या चीज है यह

YouTube Sleep Timer: यूट्यूब स्लीप टाइमर फीचर की टेस्टिंग कर रहा है. यह यूजर्स की स्क्रीन टाइम को कम करने में मदद कर सकता है. स्लीप टाइमर वीडियो प्लेबैक को रोक देगा. आइए इसके बारे में जानते हैं-

YouTube Sleep Timer: रात में जब आप बेड पर होते हैं और हाथ में मोबाइल फोन होता है, तो कई बार आपके साथ ऐसा भी हुआ होगा कि आपको नींद लग गई हो और आपका फोन चल रहा होता है, यानी उसपर कोई वीडियो या गाना चलता रहता है. लेकिन अब यूट्यूब यूजर्स के साथ ऐसा नहीं होगा. यूट्यूब वीडियो देखते-देखते नींद लग जाए, तो अब वीडियो खुद-ब-खुद पॉज हो जाएगा.

नींद खराब नहीं होने देगा और डेटा भी बचाएगा

यूट्यूब अपने यूजर्स के लिए एक कमाल का फीचर लेकर आ रहा है. दरअसल, यूट्यूब अपने प्रीमियम सब्सक्राइबर्स के लिए एक नया स्लीप टाइमर फीचर टेस्ट कर रहा है. यह नया फीचर प्रीमियम यूजर्स को उस स्थिति में वीडियो प्लेबैक को पॉज करने की सहूलियत देता है, जब उनकी योजना कंटेंट देखते समय सोने की होती है. यूट्यूब का यह फीचर यूजर्स की नींद खराब नहीं होने देगा और साथ ही उनके फोन का इंटरनेट डेटा भी बचाएगा.

वीडियो प्लेबैक रोक देगा स्लीप टाइमर

यूट्यूब जिस स्लीप टाइमर फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, वह यूजर्स की स्क्रीन टाइम को कम करने में मदद कर सकता है. स्लीप टाइमर वीडियो प्लेबैक को रोक देगा. यूट्यूब के इन-ऐप स्लीप टाइमर फीचर से उसके प्रीमियम यूजर्स एक निर्धारित समय के बाद प्लेबैक रोक सकेंगे. उदाहरण के तौर पर, किसी यूजर को सोने में 25 मिनट लगते हैं, तो वह 25 मिनट के लिए स्लीप टाइमर सेट कर सकता है. 25 मिनट बाद प्लेबैक अपने आप बंद हो जाएगा और यूजर निर्बाध रूप से सो सकेगा.

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By Rajeev kumar

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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