एक समय था जब मोबाइल फोन की बैटरी खत्म होते ही लोग बैक कवर खोलकर दूसरी बैटरी लगा लेते थे और फोन फिर से चालू हो जाता था. खासकर पुराने नोकिया और फीचर फोन में यह आम बात थी. लेकिन आज लगभग सभी स्मार्टफोन सील्ड या नॉन-रिमूवेबल बैटरी के साथ आते हैं. आखिर ऐसा क्या बदल गया कि कंपनियों ने रिमूवेबल बैटरी देना लगभग पूरी तरह बंद कर दिया? इसके पीछे सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि सुरक्षा, नई टेक्नोलॉजी और बेहतर यूजर एक्सपीरियंस जैसे कई बड़े कारण हैं.
प्रीमियम डिजाइन और एडवांस फीचर्स की वजह से बदला ट्रेंड
स्मार्टफोन पहले के मुकाबले काफी पतले, मजबूत और प्रीमियम हो गए हैं. कंपनियां अब मेटल और ग्लास जैसी मजबूत मटेरियल का इस्तेमाल करती हैं, जिससे फोन ज्यादा टिकाऊ और आकर्षक दिखते हैं. अगर आज भी बैक कवर आसानी से खुलने वाला होता, तो इतनी मजबूत बॉडी तैयार करना आसान नहीं होता.
इसके अलावा हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा, वायरलेस चार्जिंग, बड़ी बैटरी और पतला डिजाइन जैसे फीचर्स को एक साथ देने में भी नॉन-रिमूवेबल बैटरी अहम भूमिका निभाती है.
फोन चोरी होने पर भी काम करती रहती हैं सिक्योरिटी फीचर्स
नॉन-रिमूवेबल बैटरी का सबसे बड़ा फायदा सिक्योरिटी के मामले में मिलता है. पहले अगर किसी का फोन चोरी हो जाता था, तो बैटरी निकालते ही फोन पूरी तरह बंद हो जाता था. इससे लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य सिक्योरिटी फीचर्स भी काम करना बंद कर देते थे.
अब बैटरी आसानी से नहीं निकाली जा सकती, इसलिए Find My Device जैसी ट्रैकिंग सुविधाएं लंबे समय तक एक्टिव रहती हैं. इससे चोरी हुए फोन को खोजने की संभावना पहले के मुकाबले बढ़ जाती है.
वॉटरप्रूफ फोन बनाने में भी मिली बड़ी मदद
आज कई स्मार्टफोन IP67 और IP68 जैसी वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंस रेटिंग के साथ आते हैं. यह संभव हो पाया क्योंकि फोन की बॉडी पूरी तरह सील की जा सकती है.
अगर बैक कवर बार-बार खुलने वाला होता, तो पानी और धूल के अंदर जाने का खतरा काफी बढ़ जाता. सील्ड डिजाइन की वजह से कंपनियां ऐसे स्मार्टफोन बना पा रही हैं जो कुछ समय तक पानी में रहने के बाद भी सुरक्षित रहते हैं.
क्या फिर लौटेंगी रिमूवेबल बैटरियां?
हालांकि कई यूजर्स आज भी चाहते हैं कि जरूरत पड़ने पर बैटरी खुद बदल सकें. इसी को देखते हुए यूरोपीय यूनियन (EU) ने एक नया नियम बनाया है, जिसके तहत आने वाले समय में वहां बिकने वाले पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में आसानी से बदली जा सकने वाली बैटरी देना जरूरी होगा.
इस नियम के लागू होने के बाद कंपनियों को यूरोप में बिकने वाले स्मार्टफोन के डिजाइन में बदलाव करना पड़ सकता है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि भारत और अन्य बाजारों में भी इसका असर देखने को मिलेगा या नहीं.
क्या नॉन-रिमूवेबल बैटरी बेहतर विकल्प है?
अगर आधुनिक स्मार्टफोन के फीचर्स, सुरक्षा और मजबूती को देखा जाए, तो नॉन-रिमूवेबल बैटरी का फैसला काफी हद तक सही साबित हुआ है. हालांकि बैटरी खराब होने पर उसे खुद बदलना आसान नहीं रहता और सर्विस सेंटर की जरूरत पड़ती है. यानी इसके अपने फायदे भी हैं और कुछ सीमाएं भी. आने वाले वर्षों में नियमों और नई तकनीक के आधार पर स्मार्टफोन इंडस्ट्री में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है.
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