AC गैस लीकेज क्यों होता है? समझिए वजहें और रोकने के उपाय

AC में गैस लीकेज होने से कूलिंग कमजोर हो जाती है और बिजली की खपत बढ़ जाती है. इसका कारण लंबे समय का यूज, जंग लगना या गलत इंस्टॉलेशन हो सकता है. रेगुलर सर्विस, साफ फिल्टर और सही देखभाल से इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है.

अगर आपका AC पहले जितनी कूलिंग नहीं दे रहा है, तो इसके पीछे एक बड़ी वजह AC गैस लीकेज हो सकती है. AC में यूज होने वाली गैस (रेफ्रिजरेंट) कूलिंग पैदा करने में सबसे बड़ा रोल निभाती है. यही गैस कमरे की गर्मी को सोखकर बाहर निकालती है और ठंडी हवा देती है. लेकिन जब यही गैस धीरे-धीरे लीक होने लगती है, तो AC की कूलिंग कम हो जाती है और वह पहले से ज्यादा मेहनत करने लगता है.

इसका असर सिर्फ ठंडक पर ही नहीं पड़ता, बल्कि बिजली का बिल भी बढ़ने लगता है क्योंकि AC को ज्यादा समय तक चलना पड़ता है. अगर लीकेज ज्यादा हो जाए, तो कुछ मामलों में यह सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है. इसीलिए जरूरी है कि AC की कूलिंग में कमी दिखते ही कारण समझा जाए और समय रहते लीकेज को रोका या ठीक करवाया जाए.

AC गैस लीकेज क्यों होता है?

AC में गैस लीकेज होने की सबसे नॉर्मल वजह लंबे समय तक इस्तेमाल से होने वाला घिसाव (wear and tear) होती है. समय के साथ AC के अंदर मौजूद पार्ट्स धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं. इसी वजह से दिक्कतें शुरू हो सकती है.

एक बड़ा कारण कॉइल्स में जंग लगना (corrosion) भी होता है. पानी, नमी या कई बार आसपास के केमिकल्स की वजह से कॉइल्स धीरे-धीरे खराब होने लगती हैं. इससे उनमें छोटे-छोटे छेद बन सकते हैं. इन्हीं छेदों से फिर रेफ्रिजरेंट गैस धीरे-धीरे बाहर निकल जाती है.

इसके अलावा, कुछ मामलों में दिक्कत शुरुआत से ही होती है. जैसे मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट या गलत इंस्टॉलेशन. अगर वाल्व ठीक से फिट नहीं हैं, कॉपर पाइप डैमेज हैं, जॉइंट ढीले हैं या सोल्डरिंग सही से नहीं हुई है, तो आगे चलकर गैस लीकेज की समस्या आ सकती है.

AC गैस लीकेज कैसे पहचाने? 

AC गैस लीकेज के कुछ साफ संकेत होते हैं. जैसे AC का ठीक से ठंडा न करना, यूनिट से अजीब आवाज आना या फिर हल्की-सी असामान्य गंध महसूस होना. अगर ऐसे लक्षण दिखें, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत किसी प्रोफेशनल टेक्नीशियन से AC की जांच करवा लें.

AC गैस लीकेज को कैसे रोकें?

  • समय-समय पर सर्विस करवाते रहें: AC की रेगुलर सर्विसिंग बहुत जरूरी होती है. कोशिश करें कि साल में कम से कम 1-2 बार AC की चेकिंग जरूर करवाएं. टेक्नीशियन शुरुआती लीकेज पकड़कर उसे समय रहते ठीक कर सकता है.
  • कॉपर कंडेंसर वाला AC चुनें: अगर आप नया AC खरीद रहे हैं, तो कॉपर कंडेंसर वाला मॉडल लेना बेहतर रहता है. कॉपर, एल्युमिनियम के मुकाबले ज्यादा मजबूत होता है और जंग भी कम लगती है. इससे गैस लीकेज का खतरा कम हो जाता है.
  • फिल्टर साफ करते रहें: अगर AC के फिल्टर गंदे हो जाएं तो मशीन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे सिस्टम पर लोड बढ़ जाता है. इसलिए हर कुछ हफ्तों में फिल्टर साफ करना जरूरी है ताकि कूलिंग भी बेहतर रहे और AC पर लोड भी कम पड़े.
  • किसी भी डैमेज पर ध्यान दें: AC यूनिट में अगर कहीं डेंट, दरार या कोई भी नुकसान दिखे तो उसे नजरअंदाज न करें. छोटी-सी खराबी भी आगे चलकर बड़े गैस लीकेज का कारण बन सकती है.

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By Ankit anand

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