कल यानी 11 मार्च को मेटा प्लेटफॉर्म्स ने अपने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए कई नए टूल्स लाने का ऐलान किया है. ये फीचर्स Facebook, Messenger और WhatsApp पर धीरे-धीरे रोलआउट किए जा रहे हैं. कंपनी के मुताबिक इन नए टूल्स में इन-ऐप अलर्ट, बेहतर सेफ्टी कंट्रोल्स, बैंकों और टेक कंपनियों के साथ साझेदारी जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इनका मकसद उन स्कैम तरीकों पर लगाम लगाना है, जिनमें किसी और बनकर ठगी करना, फेक इन्वेस्ट स्कीम दिखाना या अकाउंट हैक करने की कोशिश जैसी चालें शामिल होती हैं.
क्या है डिवाइस लिंकेज वार्निंग फीचर?
WhatsApp ने यूजर्स की सेफ्टी बढ़ाने के लिए एक नया डिवाइस लिंकेज वार्निंग (Device Linkage Warning) फीचर पेश किया है. Meta ने अपने ब्लॉग पोस्ट में बताया कि यह फीचर खास तौर पर अकाउंट हैक होने या किसी के द्वारा अकाउंट पर कब्जा करने की कोशिश से बचाने के लिए लाया गया है.
कैसे काम करता है डिवाइस लिंकेज वार्निंग फीचर?
अगर कोई आपके WhatsApp अकाउंट को किसी नए डिवाइस से लिंक करने की कोशिश करेगा, तो आपको तुरंत अलर्ट मिल जाएगा. दरअसल, WhatsApp का Linked Devices फीचर काफी काम का है. इसकी मदद से आप अपने चैट्स लैपटॉप या टैबलेट जैसे दूसरे डिवाइस पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर स्कैमर्स कई बार लोगों को धोखा देकर उनके अकाउंट को अपने डिवाइस से लिंक करने की कोशिश करते हैं. यहीं पर नया डिवाइस लिंकेज वार्निंग फीचर काम करता है. यह यूजर्स को पहले ही अलर्ट कर देगा, ताकि वे समय रहते सचेत हो जाएं.
अगर किसी डिवाइस को अकाउंट से लिंक करने की कोशिश गड़बड़ लगेगी, तो ऐप तुरंत एक साफ-साफ वॉर्निंग मैसेज दिखाएगा. इस नोटिफिकेशन में बताया जाएगा कि अगर आप इस रिक्वेस्ट को मंजूरी देते हैं, तो कोई दूसरा व्यक्ति आपके मैसेज तक पहुंच सकता है. इसलिए यूजर्स को सलाह दी जाएगी कि वे लिंक करने से पहले रिक्वेस्ट को ध्यान से चेक कर लें.
इतना ही नहीं, इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप संभावित खतरे से जुड़ी और भी जानकारी दिखाएगा. मेटा के मुताबिक, यूजर्स को यह भी याद दिलाया जाएगा कि जिस डिवाइस को वे लिंक करने जा रहे हैं, उसे उनके चैट्स तक एक्सेस मिल जाएगा. इसलिए किसी भी रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करने से पहले थोड़ा सतर्क रहना बेहद जरूरी है.
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