मौत के बाद क्या होता है आपके Gmail अकाउंट के साथ? आप खुद कर सकते हैं तय, जान लें पूरा प्रोसेस

Gmail Account After Death: क्या आपने कभी सोचा है आपके मौत के बाद आपका गूगल अकाउंट के साथ क्या होगा? क्या इसे पहले से बंद करने की कोई फीचर होती है या फिर कोई और व्यक्ति इसे चला सकता है? आइए जानते हैं इससे जुड़े सभी जरूरी सवालों के जवाब.

Gmail Account After Death: क्या आपके मन में कभी यह सवाल आया है कि आपकी मौत के बाद आपके गूगल अकाउंट का क्या होगा? क्या कोई और उसे खोल पाएगा? अक्सर हमारे ईमेल अकाउंट में ऐसी प्राइवेट जानकारियां होती हैं जिन्हें हम नहीं चाहते कि हमारे जाने के बाद भी कोई और उसे देख सके. कई बार लोग चाहते हैं कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी किसी गलत व्यक्ति के हाथ न लगे. ऐसे में Gmail में मौजूद संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा और गोपनीयता बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है.

क्या है गूगल का इनऐक्टिव अकाउंट फीचर?  

गूगल का इनऐक्टिव अकाउंट फीचर आपको यह विकल्प देता है कि आपकी गैरमौजूदगी में आपके गूगल अकाउंट का क्या किया जाए. इस ऑप्शन के तहत आप यह तय कर सकते हैं कि कितने समय तक अकाउंट एक्टिव न रहने पर एक्शन शुरू हो और आपके अकाउंट से जुड़ी किन सेवाओं या जानकारियों तक किस व्यक्ति को पहुंच दी जाए.

गूगल का इनऐक्टिव अकाउंट फीचर ऐसे करें सेट 

सबसे पहले आपको myaccount.google.com/inactive पर जाना होगा. वहां “Start” पर क्लिक करें. सबसे पहले आपसे यह पूछा जाएगा कि गूगल को कब यह मान लेना चाहिए कि आपका अकाउंट इनएक्टिव हो गया है. इसके लिए आप 3 महीने, 6 महीने, 12 महीने या 18 महीने का समय चुन सकते हैं. चुनी गई अवधि समाप्त होने से लगभग एक महीने पहले गूगल आपसे संपर्क करने की कोशिश करेगा. गूगल आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ईमेल और रिकवरी ईमेल के जरिए करेगा. यदि गूगल को आपकी ओर से कोई जवाब नहीं मिलेगा तो वह आपके अकाउंट को इनएक्टिव मान लेगा.

दूसरों के दे सकते हैं अकाउंट का एक्सेस 

इसके बाद आप अधिकतम 10 लोगों को चुन सकते हैं जिन्हें आपके अकाउंट के इनएक्टिव होने की स्थिति में नोटिफिकेशन भेजा जाएगा. इन लोगों को आप अपनी कुछ जानकारियों तक पहुंच की अनुमति भी दे सकते हैं. जब आप “ऐड पर्सन” पर क्लिक करेंगे, तो आपको उस व्यक्ति की ईमेल आईडी डालनी होगी. ईमेल भरने के बाद एक एक्शन लिस्ट दिखाई देगी, जिसमें से आप यह तय कर सकते हैं कि किस तरह की जानकारी या सुविधा उस व्यक्ति को मिल सके.

खुद करें तय अकाउंट के साथ क्या करना है

आखरी स्टेप में आप यह तय कर सकते हैं कि आपके अकाउंट के इनएक्टिव होने के बाद उसे हटाया जाए या नहीं. पहले स्टेप में तय की गई समय पूरी होने पर आपके द्वारा दिए गए कॉन्टैक्ट्स को एक नोटिफिकेशन भेजी जाएगी. इसके बाद उन्हें तीन महीने का समय मिलेगा, ताकि वे उन डेटा को डाउनलोड कर सकें जिनका एक्सेस आपने उन्हें दिया है. तय समय के बाद आपका अकाउंट स्थायी रूप से डिलीट कर दिया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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