What is Building Lifting Shifting Technique: जानिए कैसे शिफ्ट होती है बिल्डिंग और क्या है तकनीक

What is Building Lifting Shifting Technique : अब आप अपने घर को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट कर सकते हैं. जानिए क्या है यह तकनीक-

What is Building Lifting Shifting Technique : अगर आपका घर सड़क किनारे पर है और सड़क चौड़ी की जा रही है, तो सबसे पहले आपके मन में यही बात आयेगी कि आपको अपना घर तोड़ना होगा. कितना अच्छा होता कि घर को तोड़ने की जगह थोड़ा पीछे खिसका लेते! अब यह कल्पना भी हकीकत बन गई है. अब आप अपने घर काे एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट कर सकते हैं.

शिप पर शिफ्ट हुई बड़ी बिल्डिंग

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें देखा जा सकता है कि एक शिप पर एक बड़ी – सी बिल्डिंग को रखकर एक जगह से दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जा रहा है. यह शिप इतनी बड़ी बिल्डिंग को लेकर धीरे – धीरे और बड़े आराम से नदी पर तैरती दिखाई दे रही है. हिस्टॉरिक विड्स के एक्स हैंडल से शेयर किया गया यह वायरल वीडियो चीन का बताया जा रहा है.

भारत में भी हो रही बिल्डिंग की लिफ्टिंग और शिफ्टिंग

किसी इमारत को लिफ्ट और शिफ्ट करने की तकनीक पर अपने देश में भी काम किया जा रहा है. देश के कई हिस्सों में जहां सड़कों का चौड़ीकरण चल रहा है,  वहीं कई जगहों पर एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे भी बनाये जा रहे हैं. इन सभी कार्यों में सड़क के किनारे मौजूद मकानों को अक्सर तोड़ना पड़ता है. पाई-पाई की कमाई जोड़कर बनाये गए घर को टूटता देखना हर किसी के लिए दुखदायी है. ऐसे में लिफ्टिंग और शिफ्टिंग तकनीक काफी कारगर साबित हो रही है. लोग इस तकनीक का इस्तेमाल करने लगे हैं.

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जमीन से सात फीट ऊंचा किया प्राचीन शिव मंदिर

घरों की लिफ्टिंग और शिफ्टिंग को लेकर खबरें समय-समय पर सोशल मीडिया में आती रहती हैं. कुछ महीने पहले, उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित दिल्ली-रुड़की हाइवे स्थित सिवाया गांव में लगभग 400 साल पुराना शिव मंदिर जमीन से सात फीट ऊंचा कर दिया गया. बताया जाता है कि मंदिर पहले अच्छी-खासी ऊंचाई पर था, लेकिन समय के साथ सड़क ऊंची होती गई, और मंदिर नीचा होता गया. ऐसे में बारिश होने पर मंदिर परिसर में पानी जमा होने लगा. मंदिर समिति ने लिफ्टिंग शिफ्टिंग वालों से संपर्क कर मंदिर को ऊंचा करा दिया.

सड़क से पीछे शिफ्ट किया गया घर

हाल ही में मेरठ के सिसोली गांव में सड़क किनारे स्थित एक घर को मकान मालिक ने दूसरी जगह शिफ्ट करा दिया. सड़क के चौड़ीकरण का काम होने से मकान सड़क के बहुत पास आ गया था. ऐसे में इसको तोड़ने के हालात बन आये थे. लिफ्टिंग-शिफ्टिंग तकनीक से मकान को सड़क से पीछे की ओर शिफ्ट कर दिया गया. करीब डेढ़ दशक पहले विदेशों से आयी यह तकनीक अब भारत में अपना कमाल दिखा रही है. बिल्डिंग की लिफ्टिंग-शिफ्टिंग का काम दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में ज्यादा हो रहा है.

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कैसे काम करती है यह तकनीक?

सबसे पहले मकान के जरूरी जोड़ों, जैसे पिलर और टाई-बीम को जमीन से अलग किया जाता है. पिलर और टाई-बीम न हो, तो भी मकान के प्लिंथ लेवल को जमीन से अलग कर पहले जैक के माध्यम से मकान को उठा दिया जाता है. इसके बाद नीचे ट्रैक बनाकर रॉलर से उसे शिफ्ट किया जाता है. इस तकनीक से मकान को 30 फीट तक शिफ्ट किया जा सकता है. पूरा काम सावधानी से धीरे-धीरे किया जाता है, ताकि मकान में कहीं से कोई दरार न आ जाए. ऐसे में इस काम में लगभग 30 दिनों का समय लग जाता है. बिल्डिंग लिफ्टिंग शिफ्टिंग वर्क के ठेकेदार, हरियाणा स्थित यमुनानगर जिले के रहनेवाले सुखविंदर सिंह बताते हैं कि वह लगभग 15 वर्षों से घरों व धार्मिक स्थलों को सड़क से दूर शिफ्ट करने और लिफ्ट करने का काम कर रहे हैं. यह तकनीक चूंकि नयी है, ऐसे में शिफ्टिंग का कार्य देखने के लिए लोग उमड़ पड़ते हैं. समय – समय पर इस कारनामे के वीडियो भी वायरल होते हैं.

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By Rajeev kumar

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