UPI का नया फीचर, बिना बैंक अकाउंट के करें डिजिटल पेमेंट

UPI Circle फीचर से अब बच्चे भी कर सकेंगे डिजिटल पेमेंट, बिना बैंक अकाउंट के. जानिए कैसे माता-पिता Google Pay या BHIM ऐप के जरिये बच्चों को सीमित ऐक्सेस देकर सुरक्षित लेन-देन की सुविधा दे सकते हैं. पढ़ें पूरी जानकारी

भारत में डिजिटल पेमेंट को और आसान बनाते हुए एक नयी व्यवस्था आयी है, जिससे अब बच्चे भी UPI का इस्तेमाल कर सकते हैं, वो भी बिना अपने बैंक अकाउंट के. Google Pay और BHIM जैसे ऐप्स में आया नया फीचर “UPI Circle” माता-पिता को अपने बच्चों को सीमित या स्वीकृत ऐक्सेस देने की सुविधा देता है. इससे बच्चे QR कोड स्कैन कर पेमेंट कर सकते हैं, लेकिन बैंक अकाउंट या UPI पिन तक उनकी पहुंच नहीं होती. यह फीचर खासकर 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए उपयोगी है, जिससे वे सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से डिजिटल लेन-देन सीख सकते हैं.

NPCI का नया फीचर UPI Circle कहां मिलेगा? (Where can I get NPCI’s new feature UPI Circle?)

डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए अब बच्चे भी UPI के जरिये पेमेंट कर सकेंगे, वो भी बिना अपने बैंक अकाउंट के. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा पेश किया गया नया फीचर UPI Circle अब Google Pay और BHIM जैसे ऐप्स पर उपलब्ध है, जो माता-पिता को अपने बच्चों को सीमित और सुरक्षित डिजिटल पेमेंट की सुविधा देता है.

इस फीचर के तहत माता-पिता अपने बैंक अकाउंट को बच्चों के मोबाइल ऐप से लिंक कर सकते हैं. बच्चे QR कोड स्कैन करके पेमेंट कर सकते हैं, लेकिन उन्हें न तो बैंक अकाउंट की जानकारी मिलती है और न ही UPI पिन की जरूरत होती है. इससे माता-पिता को हर ट्रांजैक्शन पर पूरा नियंत्रण मिलता है.

UPICircle दो तरह की ऐक्सेस देता है- Partial Delegation और Full Delegation. Partial Delegation में हर पेमेंट के लिए माता-पिता की मंजूरी जरूरी होती है, जबकि Full Delegation में बच्चे सीमित राशि तक खुद से पेमेंट कर सकते हैं. यह फीचर खासतौर पर 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है, जिनके पास खुद का बैंक अकाउंट नहीं होता.

कैश की झंझट को कहिए बाय-बाय, अब Post Office में भी कर पाएंगे UPI पेमेंट, अगस्त से बदलेगी सूरत

UPI Circle सेटअप कैसे करें? (How to set up UPI Circle)

यूपीआई सर्कल सेटअप करना भी बेहद आसान है. Google Pay या BHIM ऐप खोलें, प्रोफाइल सेक्शन में जाएं और “UPI Circle” विकल्प चुनें. वहां से “Add People” पर टैप करके बच्चे के फोन में मौजूद QR कोड को स्कैन करें. इसके बाद आप लिमिट सेट कर सकते हैं और ऐक्सेस टाइप चुन सकते हैं.

यह फीचर न केवल बच्चों को डिजिटल लेन-देन की आदत डालने में मदद करेगा, बल्कि माता-पिता को भी उनके खर्च पर नजर रखने की सुविधा देगा. साथ ही, यह बुजुर्गों के लिए भी उपयोगी हो सकता है, जिन्हें तकनीकी पेमेंट में कठिनाई होती है.

UPI Circle एक स्मार्ट और सेफ तरीका है बच्चों को डिजिटल पेमेंट की दुनिया से जोड़नेका. यह फीचर न केवल बच्चों को आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि माता-पिता को भी मानसिक शांति देता है कि उनका बच्चा सुरक्षित तरीके से लेन-देन कर रहा है.

आपका Aadhaar Card कहीं चला न जाए गलत हाथों में, तुरंत कर लें उसे ‘Lock’, जानें आसान तरीका

भारी बारिश में चला रहे हैं AC? इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो हो जाएगा बड़ा नुकसान

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >