New Rule: क्या 1 दिसंबर से आपके फोन पर नहीं आयेगा OTP? TRAI के नये नियम से किसे होगा फायदा?

TRAI New Rule: 1 दिसंबर से जियो, एयरटेल, वीआई और बीएसएनएल को OTP और कमर्शियल मैसेज को ट्रैक करने के लिए सख्ती से नियमों का पालन करना होगा.

TRAI OTP New Rule 1 December 2024: टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने अनचाहे कमर्शियल मैसेज और फिशिंग अटैक्स को रोकने के लिए ट्रेसेबिलिटी नियमों को लागू करने का फैसला किया है. टेलीकॉम कंपनियों को पहले 31 अक्टूबर तक इन नियमों को लागू करने का समय दिया गया था, जिसे बढ़ाकर 30 नवंबर किया गया. अब 1 दिसंबर से जियो, एयरटेल, वीआई और बीएसएनएल को OTP और कमर्शियल मैसेज को ट्रैक करने के लिए सख्ती से नियमों का पालन करना होगा. हालांकि, कुछ कंपनियों को इसे लागू करने में समस्या हो रही है, जिससे OTP मैसेज में थोड़ी देरी हो सकती है.

आपको फ्रॉड से बचाने की कोशिश

स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध, खासकर फर्जी OTP के जरिये ठगी के मामलों में तेजी आई है. इस समस्या से निपटने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे सभी कमर्शियल मैसेज और OTP को ट्रैक करने के लिए ट्रेसबिलिटी सिस्टम लागू करें. इस सिस्टम के लागू होने से फर्जी OTP और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आयेगी.

OTP आने में हो सकती है देरी

TRAI ने पहले 31 अक्टूबर तक ट्रेसबिलिटी नियम लागू करने की योजना बनाई थी, लेकिन जियो, एयरटेल, वीआई और बीएसएनएल की मांग पर इसे 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया. अब यह नया नियम 1 दिसंबर से लागू होगा. इसकी वजह से शुरुआती कुछ दिनों में OTP आने में देरी हो सकती है, क्योंकि टेलीकॉम कंपनियां इस नये सिस्टम को पूरी तरह से लागू करने में समय ले सकती हैं.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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