मोबाइल पर आने वाली अनचाही प्रमोशनल कॉल और विज्ञापन संदेश लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं. अब भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इन पर सख्ती और बढ़ा दी है. चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ट्राई ने उपभोक्ताओं की डू-नॉट-डिस्टर्ब (DND) प्राथमिकताओं के आधार पर 148 करोड़ से ज्यादा प्रचारात्मक (प्रोमोशनल) कॉल ब्लॉक कर दीं. इसके साथ ही AI आधारित स्पैम पहचान प्रणाली की मदद से अरबों संदिग्ध कॉल और एसएमएस की पहचान भी की गई.
140 नंबर से आईं 1316 करोड़ प्रमोशनल कॉल
ट्राई की तिमाही रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के बीच 140 नंबर सीरीज के जरिए करीब 1316 करोड़ प्रचारात्मक कॉल की गईं. इनमें से 148 करोड़ कॉल उपभोक्ताओं की DND सेटिंग के आधार पर रोक दी गईं. वहीं इसी अवधि में पंजीकृत टेलीमार्केटर्स और कंपनियों ने लगभग 24806 करोड़ कमर्शियल एसएमएस भेजे, जिनमें से 730 करोड़ विज्ञापन संदेश भी ब्लॉक किए गए.
1600 नंबर सीरीज और AI सिस्टम ने बढ़ाई निगरानी
रिपोर्ट के अनुसार, 1600 नंबर सीरीज से भी करीब 115 करोड़ कॉल की गईं. यह नंबर सीरीज बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा और सरकारी संचार के लिए इस्तेमाल की जाती है ताकि उपभोक्ता ऐसे कॉल की आसानी से पहचान कर सकें.
ट्राई ने बताया कि AI आधारित स्पैम डिटेक्शन सिस्टम ने इस तिमाही में करीब 2443 करोड़ संदिग्ध कॉल और एसएमएस की पहचान की. इससे लोगों को संभावित स्पैम कॉल से सतर्क रहने या उन्हें नजरअंदाज करने का विकल्प मिला.
लाखों नंबरों पर कार्रवाई, सैकड़ों सेंडर ब्लैकलिस्ट
स्पैम रोकने के लिए ट्राई ने सिर्फ कॉल ब्लॉक करने तक ही कदम सीमित नहीं रखा. रिपोर्ट के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर 2.43 लाख से अधिक चेतावनी नोटिस संदिग्ध प्रेषकों (सेंडर्स) को जारी किए गए.
इसके अलावा 1.83 लाख दूरसंचार संसाधनों पर कार्रवाई की गई और 263 प्रेषकों को ब्लैकलिस्ट किया गया. बार-बार नियम तोड़ने वालों पर आउटगोइंग सेवाएं बंद करने, लंबे समय तक डिस्कनेक्शन, सभी ऑपरेटरों में ब्लैकलिस्ट करने और एसएमएस हेडर ब्लॉक करने जैसे सख्त कदम उठाए गए.
DND सुविधा क्यों है जरूरी?
अगर आप अनचाही प्रमोशनल कॉल और मैसेज से परेशान रहते हैं तो DND सुविधा आपके लिए काफी उपयोगी हो सकती है. DND सक्रिय होने पर टेलीमार्केटिंग कॉल और विज्ञापन संदेशों को काफी हद तक रोका जा सकता है. ट्राई लगातार सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर इस व्यवस्था को और मजबूत बना रहा है ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव मिल सके.
शिकायतें कितनी दर्ज हुईं?
रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही के दौरान देशभर में कुल 73082 करोड़ कॉल की गईं. इसके मुकाबले अनचाहे वाणिज्यिक संचार से जुड़ी 10.85 लाख शिकायतें दर्ज हुईं. यानी हर 10 लाख कॉल पर औसतन करीब 1.5 शिकायतें दर्ज की गईं, जो बताती हैं कि स्पैम कॉल पर निगरानी लगातार मजबूत की जा रही है.
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