Apple के CEO टिम कुक (Tim Cook) ने हाल ही में माना कि Apple Maps की लॉन्चिंग उनके करियर की सबसे बड़ी गलतियों में से एक थी. यह वही प्रोडक्ट था, जिसे लॉन्च के समय काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. Bloomberg के मार्क गुरमन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक इंटरनल टाउन हॉल के दौरान टिम कुक ने अपने करियर के अहम फैसलों और उनसे मिली सीख के बारे में खुलकर बात की. आइए जानते हैं आखिर टिम कुक ने Apple Maps के बारे में ऐसा क्यों कहा.
Apple Maps को आलोचना का सामना क्यों करना पड़ा था?
जब Apple Maps को 2012 में iPhone पर Google Maps की जगह लॉन्च किया गया, तो लोगों की उम्मीदें काफी ऊंची थीं. लेकिन शुरुआत कुछ खास नहीं रही. कई यूजर्स ने गलत रास्ते, गायब लोकेशन्स, टेढ़े-मेढ़े मैप्स और नेविगेशन में गड़बड़ियों की शिकायत की.
हालत ऐसी थी कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी इस पर भरोसा करना मुश्किल हो गया था. उस समय दूसरे मैपिंग प्लेटफॉर्म कहीं ज्यादा सटीक और भरोसेमंद थे, इसलिए तुलना होना लाजिमी था. नतीजा, लॉन्च के तुरंत बाद ही Apple Maps को दुनियाभर में कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा और यूजर्स का भरोसा जीतने में कंपनी को लंबा समय लगा.
Apple के अंदर क्या असर पड़ा और कंपनी ने कैसे संभाला मामला?
Apple Maps की गड़बड़ी ने कंपनी के अंदर भी बड़ा असर डाला. उस समय iOS सॉफ्टवेयर की जिम्मेदारी संभाल रहे स्कॉट फॉरस्टॉल को आखिरकार कंपनी छोड़नी पड़ी. इतना ही नहीं, Apple जैसी कंपनी ने पहली बार खुलकर माफी भी मांगी और माना कि प्रोडक्ट उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा.
टिम कुक ने बताया कि इंटरनल टेस्टिंग में Apple Maps तैयार लग रहा था. लेकिन जब यह आम लोगों तक पहुंचा, तो इसकी कई बड़ी कमियां सामने आ गई. हालात ऐसे हो गए कि Apple को खुद ही यूजर्स को कुछ समय के लिए दूसरे नेविगेशन ऐप इस्तेमाल करने की सलाह देनी पड़ी.
टिम कुक ने बताया कैसे बदला Apple का नजरिया
टिम कुक ने माना कि Apple Maps की शुरुआत कंपनी के लिए एक बड़ा सबक थी. इस घटना के बाद Apple ने अपने प्रोडक्ट लॉन्च करने के तरीके में काफी बदलाव किए. अब कंपनी इस बात पर ज्यादा ध्यान देती है कि कोई भी प्रोडक्ट यूजर्स की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरे, खासकर जब बात रियल-टाइम डेटा और सटीक जानकारी देने वाली सर्विस की हो.
समय के साथ Apple Maps में कई बड़े सुधार किए गए. बेहतर मैप डेटा, नए नेविगेशन फीचर्स और पहले से कहीं ज्यादा कवरेज ने इसे काफी भरोसेमंद बना दिया. टिम कुक के मुताबिक, इस एक्सपीरियंस ने Apple को सिखाया कि किसी भी प्रोडक्ट की सफलता के लिए भरोसेमंद परफॉर्मेंस, कड़ी टेस्टिंग और यूजर्स की फीडबैक बेहद जरूरी है.
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