PwC Survey: ज्यादातर इंटरनेट यूजर्स डेटा प्राइवेसी को लेकर फिक्रमंद, जागरूकता की कमी भी चिंता की बात

PwC Survey: पीडब्ल्यूसी इंडिया ने एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह बात कही है कि उपभोक्ता व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता के उल्लंघनों को लेकर फिक्रमंद होने लगे हैं लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग व्यक्तिगत आंकड़ों से संबंधित अपने अधिकारों को लेकर जागरूक नहीं हैं.

PwC Survey: देश में ज्यादातर इंटरनेट यूजर्स डेटा प्राइवेसी को लेकर फिक्रमंद हैं और कई यूजर्स में जागरूकता की कमी भी चिंता की बात है. उपभोक्ता व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता के उल्लंघनों को लेकर फिक्रमंद होने लगे हैं लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग व्यक्तिगत आंकड़ों से संबंधित अपने अधिकारों को लेकर जागरूक नहीं हैं. पीडब्ल्यूसी इंडिया ने एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह बात कही है.

देश भर में 3,233 उपभोक्ताओं और 186 संगठनों के बीच सर्वेक्षण

परामर्शदाता कंपनी का आंकड़ों की गोपनीयता पर कराया गया यह सर्वेक्षण डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (डीपीडीपीए) से संबंधित जागरूकता और कार्यान्वयन में मौजूद फासले को इंगित करता है. देश भर में 3,233 उपभोक्ताओं और 186 संगठनों के बीच यह सर्वेक्षण कराया गया है.

देश के प्रमुख शहरों में 46 प्रतिशत

सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, 42 प्रतिशत उपभोक्ता इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि वे निजी जानकारी के उल्लंघन के बाद किसी कंपनी की सेवाओं का उपयोग करना जारी रखेंगे या नहीं. पीडब्ल्यूसी इंडिया ने कहा, यह दर देश के प्रमुख शहरों में 46 प्रतिशत है. हालांकि 52 प्रतिशत संगठन व्यक्तिगत आंकड़ों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा नियंत्रण की योजना बना रहे हैं, लेकिन सिर्फ प्रौद्योगिकी अनुपालन से बात नहीं बन पाएगी.

व्यक्तिगत आंकड़ों से संबंधित अपने अधिकारों के बारे में नहीं जानते अधिकांश उपभोक्ता

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, आयु समूहों, व्यावसायिक पृष्ठभूमि और शहरी-ग्रामीण विभाजनों में केवल 16 प्रतिशत उपभोक्ता ही डीपीडीपी अधिनियम के बारे में जानते हैं. सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 56 प्रतिशत उपभोक्ता व्यक्तिगत आंकड़ों से संबंधित अपने अधिकारों के बारे में नहीं जानते हैं और 69 प्रतिशत को अपनी सहमति वापस लेने के अधिकारों के बारे में नहीं मालूम है.

शिक्षित करने की तत्काल जरूरत

पीडब्ल्यूसी इंडिया में साझेदार और प्रमुख (जोखिम परामर्श) शिवराम कृष्णन ने कहा कि डीपीडीपी अधिनियम, 2023 भारत के एक उच्च-वृद्धि वाली डिजिटल अर्थव्यवस्था में बदलाव के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, यह सर्वेक्षण ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए डिजिटल गोपनीयता, सहमति प्रबंधन, व्यक्तिगत आंकड़ों की सुरक्षा और बिना सोचे-समझे निजी जानकारी साझा करने के परिणामों पर युवा वर्ग को शिक्षित करने की तत्काल जरूरत को भी बताता है.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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