Portable AC या 1 Ton Split AC? जानें किराए के घर के लिए कौन सा रहेगा सही

Portable AC और 1 टन Split AC दोनों छोटे कमरों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन कूलिंग, बिजली खपत, आवाज और कीमत के मामले में दोनों में बड़ा अंतर होता है. जानिए यहां दोनों में से कौन सा बेहतर है.

गर्मी बढ़ते ही ज्यादातर लोग घर के लिए AC खरीदने की सोचते हैं, लेकिन कई बार सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि Portable AC लिया जाए या फिर 1 टन Split AC. खासकर किराए के घरों में रहने वाले लोगों के लिए यह कन्फ्यूजन और ज्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि हर जगह Split AC लगाना आसान नहीं होता. वहीं Portable AC बिना ज्यादा इंस्टॉलेशन के आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि दोनों AC लगभग एक जैसे कमरे को ठंडा करते हैं, लेकिन कूलिंग, बिजली खर्च, आवाज और लंबे समय के इस्तेमाल में इनके बीच बड़ा फर्क देखने को मिलता है. अगर आप भी नया AC खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले दोनों के बीच का अंतर समझ लेना जरूरी है.

Portable AC और Split AC कैसे काम करते हैं?

1 टन Split AC में कंप्रेसर और कंडेंसर घर के बाहर लगे यूनिट में होते हैं. कमरे के अंदर सिर्फ इंडोर यूनिट रहती है, जो ठंडी हवा देती है. इसी वजह से Split AC कम आवाज करता है और ज्यादा बेहतर कूलिंग देता है. दूसरी तरफ Portable AC में कंप्रेसर, कंडेंसर और बाकी सभी पार्ट्स एक ही यूनिट में लगे होते हैं, जो कमरे के अंदर रखा जाता है. इसमें गर्म हवा को बाहर निकालने के लिए एक पाइप को खिड़की या वेंट से बाहर करना पड़ता है. लेकिन इस प्रक्रिया में कमरे में हल्का नेगेटिव प्रेशर बनता है, जिससे बाहर की गर्म हवा दोबारा अंदर आने लगती है. ऐसे में Portable AC को कमरे को ठंडा करने के लिए ज्यादा मेहनत करना पड़ता है.

किसमें होती है ज्यादा बिजली की बचत?

बिजली खपत के मामले में Split AC ज्यादा बेहतर माना जाता है. आमतौर पर 1 टन Split AC करीब 900 से 1100 वॉट बिजली खर्च करता है, जबकि Portable AC लगभग 1200 से 1500 वॉट तक बिजली खपत कर सकता है. Split AC को BEE स्टार रेटिंग और बेहतर ISEER स्कोर भी मिलते हैं, जिससे इसकी एनर्जी एफिशिएंसी ज्यादा होती है. वहीं ज्यादातर Portable AC में स्टार रेटिंग नहीं मिलती. अगर पूरे गर्मी के मौसम की बात करें, तो Portable AC का बिजली बिल काफी ज्यादा आ सकता है.

आवाज और कूलिंग में कितना फर्क?

Split AC का कंप्रेसर बाहर होता है, इसलिए इसका इंडोर यूनिट काफी शांत चलता है. दूसरी तरफ Portable AC का पूरा सिस्टम कमरे के अंदर ही होता है, जिससे इसमें ज्यादा आवाज आती है. इसके अलावा Split AC कमरे का तापमान ज्यादा स्टेबल बनाए रखता है और नमी को भी बेहतर तरीके से कंट्रोल करता है. खासकर उमस वाले मौसम में इसका फायदा ज्यादा महसूस होता है.

इंस्टॉलेशन और कीमत

Split AC लगाने के लिए प्रोफेशनल इंस्टॉलेशन की जरूरत पड़ती है. इसमें दीवार में ड्रिलिंग, इंडोर और आउटडोर यूनिट फिट करना और पाइपिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं. भारत में 1 टन Split AC की शुरुआती कीमत करीब 28,000 से 35,000 रुपये के बीच होती है, जबकि इंस्टॉलेशन का खर्च अलग से देना पड़ता है. दूसरी तरफ Portable AC में इंस्टॉलेशन की जरूरत नहीं होती. इसे आसानी से एक कमरे से दूसरे कमरे में ले जाया जा सकता है. हालांकि इसकी कीमत भी करीब 30,000 रुपये या उससे ज्यादा हो सकती है और बिजली खर्च ज्यादा आता है.

कौन-सा AC खरीदना ज्यादा सही रहेगा?

अगर आपके घर में Split AC लगाना संभव है, तो लगभग हर मामले में यही बेहतर ऑप्शन माना जाएगा. यह ज्यादा बिजली बचाता है, कम आवाज करता है और लंबे समय में चलाने का खर्च भी कम पड़ता है. लेकिन अगर आप किराए के घर में रहते हैं, दीवार पर आउटडोर यूनिट लगाने की सुविधा नहीं है या आपको AC को अलग-अलग कमरों में इस्तेमाल करना है, तो Portable AC काम का साबित हो सकता है. हालांकि Portable AC खरीदने से पहले उसके ज्यादा बिजली खर्च और कम एफिशिएंसी को ध्यान में जरूर रखें.

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Published by: Shivani Shah

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