PicSee: दुनिया का पहला एआई फोटो शेयरिंग ऐप लॉन्च, दोस्तों से पाएं अपनी अनदेखी तस्वीरें!

Koo के को-फाउंडर मयंक बिदावतका ने लॉन्च किया PicSee, दुनिया का पहला एआई फोटो शेयरिंग ऐप. जानें कैसे यह आपको दोस्तों से आपकी अनदेखी तस्वीरें दिलाता है

फोटो शेयरिंग अब और भी स्मार्ट और आसान हो गई है! बेंगलुरु की कंपनी बिलियन हार्ट्स सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज ने लॉन्च किया है दुनिया का पहला एआई-बेस्ड म्यूचुअल फोटो शेयरिंग ऐप- PicSee (पिकसी). इस ऐप को बनाया है कू (Koo) के सह-संस्थापक मयंक बिदावतकाने. यह ऐप आपको आपकी खुद की दोस्तों द्वारा खींची गई अनदेखी तस्वीरें ढूंढकर देता है- वो भी बिना किसी झंझट के और पूरी गोपनीयता के साथ.

पिकसी क्या है और कैसे करता है काम?

पिकसी एक ऐसा फोटो शेयरिंग ऐप है, जो एआई और फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके आपकी गैलरी में मौजूद तस्वीरों को स्कैन करता है. यह पहचानता है कि आपकी गैलरी में कौन-कौन से दोस्तों की तस्वीरें हैं और फिर उन्हें एक इनवाइट भेजता है. जैसे- मेरे पास तुम्हारी 75 तस्वीरें हैं, उन्हें पिकसी पर आकर लो. दोस्त इनवाइट स्वीकार करते हैं और बदले में वो आपकी तस्वीरें शेयर करते हैं. इस तरह एक सुरक्षित, दो-तरफा फोटो एक्सचेंज बनता है.

What is picsee app?

पिकसी की सबसे खास बातें

पूरी तरह से प्राइवेसी-फर्स्ट ऐप

कोई भी फोटो सर्वर पर सेव नहीं होती

24 घंटे की रिव्यू विंडो जिससे आप फोटो शेयर करने से पहले हटा सकते हैं

स्क्रीनशॉट ब्लॉक फीचर

किसी भी फोटो को बाद में वापस लेने का विकल्प

यह सभी फीचर्स पिकसी को दुनिया के सबसे सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली फोटो ऐप्स में शामिल करते हैं.

तेजी से बढ़ती लोकप्रियता

सिर्फ तीन महीनों में पिकसी के यूजर्स की संख्या 75 गुना बढ़ गई है, और अब यह 27 देशों और 160 से ज्यादा शहरों में इस्तेमाल हो रहा है. अब तक 1.5 लाख से अधिक तस्वीरें शेयर की जा चुकी हैं, और 30%यूजर्स के पास अपनी गैलरी से ज्यादा तस्वीरें पिकसी पर हैं.

पिकसीऐप क्या करता है?

यह ऐप दोस्तों के बीच आपसी फोटो एक्सचेंज करता है, जिससे हर यूजर को अपनी अनदेखी तस्वीरें मिल जाती हैं.

क्या पिकसी सुरक्षित है?

हां, पिकसी किसी भी फोटो को अपने सर्वर पर स्टोर नहीं करता और सभी फोटो ट्रांसफर एन्क्रिप्टेड होते हैं.

क्या इसे भारत में डाउनलोड किया जा सकता है?

हां, यह अब पब्लिक बीटा में उपलब्ध है और भारत समेत 27 देशों में लॉन्च हो चुका है.

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By Rajeev kumar

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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