फोन चार्ज करते समय कहीं आप भी तो नहीं करते हैं यह गलती?

स्मार्टफोन चार्जिंग के दौरान इस्तेमाल करना बैटरी और हार्डवेयर के लिए हानिकारक हो सकता है. लगातार ओवरहीटिंग से बैटरी की लाइफ घटती है और चार्जिंग स्पीड भी धीमी हो जाती है. फोन बंद रखने से बैटरी जल्दी चार्ज होती है, ओवरहीटिंग का खतरा कम होता है और डेटा और हार्डवेयर सुरक्षित रहते हैं.

आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह अलार्म से लेकर रात तक सोशल मीडिया स्क्रॉल करने तक, फोन हमेशा हमारे हाथ में रहता है. लेकिन जब बैटरी खत्म होती है तो हम उसे चार्ज पर लगाकर इस्तेमाल करना जारी रखते हैं. यही आदत लंबे समय में फोन की सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है.

ओवरहीटिंग का खतरा

चार्जिंग के दौरान बैटरी और प्रॉसेसर पहले से ही सक्रिय रहते हैं. ऐसे में वीडियो देखना, गेम खेलना या कॉल करना फोन पर अतिरिक्त दबाव डालता है. इससे डिवाइस तेजी से गर्म होता है और लगातार ऐसा होने पर बैटरी की क्षमता घटने लगती है. कई मामलों में ओवरहीटिंग से फोन फटने या आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं.

बैटरी लाइफ बढ़ाने में मदद

अगर आप चाहते हैं कि आपके फोन की बैटरी लंबे समय तक अच्छा बैकअप दे, तो चार्जिंग के दौरान फोन बंद रखना बेहतर है. इससे बैटरी बिना किसी रुकावट के पूरी तरह चार्ज होती है और बैकग्राउंड ऐप्स या नोटिफिकेशन का दबाव नहीं पड़ता.

चार्जिंग स्पीड तेज होती है

कई लोग शिकायत करते हैं कि उनका फोन धीरे चार्ज होता है. इसका बड़ा कारण चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल करना है. जब फोन बंद होता है तो पूरी ऊर्जा सीधे बैटरी तक पहुंचती है, जिससे चार्जिंग स्पीड बढ़ जाती है.

डेटा और हार्डवेयर सुरक्षा

चार्जिंग के दौरान वोल्टेज फ्लक्चुएशन या खराब चार्जर से फोन को नुकसान पहुंच सकता है. फोन बंद रखने से यह खतरा काफी कम हो जाता है. साथ ही, बैकग्राउंड ऐप्स बंद होने से डेटा सिक्योरिटी भी बेहतर रहती है.

यह भी पढ़ें: मोबाइल सिग्नल नहीं मिल रहा? ये 5 आसान तरीके अपनाएं

यह भी पढ़ें: फोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के 6 पक्के उपाय

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >