5 रुपये के नोट के बदले 100000 रुपये… इस ऑफर का Fact Check होश उड़ा देगा

Fact Check: इस पोस्ट को सच मानकर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है. फैक्ट चेक में यह पता चला है कि पुराने सिक्के और नोट खरीदने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की जा रही है.

Fact Check: सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक पर कुछ खास सीरीज के पुराने नोट और सिक्के बदलने पर लाखों रुपये मिलने का दावा किया जा रहा है. इस पोस्ट को सच मानकर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है. फैक्ट चेक में यह पता चला है कि पुराने सिक्के और नोट खरीदने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की जा रही है. ऐसे में इस पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक है.

भ्रामक पोस्ट में क्या दावा किया जा रहा है?

सोशल मीडिया प्लैटफाॅर्म फेसबुक पर करेंसी बायर्स नाम के एक पेज ने हाल ही में पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि भारतीय पुराने दुर्लभ सिक्के और बैंकनोट को सीधे असली मुद्रा में कैसे बेचें. इसके अलावा, इस पोस्ट में एक व्यक्ति की आवाज द्वारा इन सिक्कों और नोटों को बेचने की पूरी प्रक्रिया बतायी गई है. इस भ्रामक वीडियो को 5 हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है और 600 से ज्यादा लोग अब तक इसे शेयर कर चुके हैं. लाइक्स और शेयर्स की यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.

सावधानी है जरूरी

जब भी ऐसे पोस्ट्स आप देखें और नोट के बदले पैसे बनाने का ऑफर आपको मिले, तो ऐसे पोस्ट्स से आप सावधान रहें. आगे बढ़ने से पहले यह जरूर चेक करें कि वेबसाइट्स वास्तव में किसी खास नोट या सिक्के के लिए बतायी गई राशि की पेशकश करती हैं या नहीं, इसकी पुष्टि कर लें. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी पुराने सिक्कों और नोटों की ऑनलाइन खरीद-फरोख्त के बारे में चेतावनी जारी कर चुका है.

Smartphone Under 10K: सस्ता स्मार्टफोन ढूंढ रहे हैं? Redmi का ये फोन आपके बच्चे की पॉकेट मनी में आ जाएगा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >