कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ धारकों के खातों में 8.25 प्रतिशत की नई ब्याज दर से पैसा क्रेडिट करना शुरू कर दिया है. ऐसे में करोड़ों नौकरीपेशा लोग अपना पीएफ बैलेंस और ब्याज का पैसा चेक करने की कोशिश कर रहे हैं.
अगर आप भी दफ्तरों के चक्कर काटे बिना घर बैठे अपने पीएफ अकाउंट की पल-पल की अपडेट पाना चाहते हैं, तो ईपीएफओ की नई व्हाट्सएप हेल्पलाइन सेवा आपके बेहद काम आ सकती है. इस सेवा के जरिए हर राज्य और क्षेत्रीय कार्यालय के हिसाब से अलग व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं, ताकि यूजर्स की समस्याओं का समाधान तुरंत हो सके.
अपने राज्य और शहर का आधिकारिक EPFO WhatsApp नंबर कैसे खोजें
अपने क्षेत्रीय ईपीएफओ दफ्तर का सही व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर तलाशना बेहद आसान है. इसके लिए सबसे पहले आपको अपने कंप्यूटर या मोबाइल ब्राउजर में ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट ओपन करनी होगी.
होमपेज खुलते ही स्क्रीन के कोने में विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स के आइकॉन नजर आएंगे. इनमें से जैसे ही आप व्हाट्सएप के आइकॉन पर क्लिक करेंगे,
आपके सामने देश भर के सभी राज्यों, शहरों और क्षेत्रीय कार्यालयों के व्हाट्सएप नंबरों की पूरी लिस्ट खुल जाएगी. यहां से आप अपने क्षेत्र का नंबर सेव करके सीधे मैसेज भेज सकते हैं.
व्हाट्सएप पर मिलेंगी पीएफ और पेंशन से जुड़ी ये सुविधाएं
ईपीएफओ की इस व्हाट्सएप सेवा के जरिए पीएफ खाताधारक कई तरह की सहूलियतों का लाभ उठा सकते हैं. इस माध्यम से आप अपने पीएफ अकाउंट के मौजूदा बैलेंस की जानकारी पा सकते हैं.
इसके अलावा ई-केवाईसी अपडेट की स्थिति, पेंशनधारकों के लिए पेंशन संबंधी अपडेट्स, और यूएएन (UAN) से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का निवारण भी मैसेज के जरिए हो जाता है.
यदि आपकी पासबुक देखने या पीएफ फंड ट्रांसफर से संबंधित कोई शिकायत है, तो उसे भी इस प्लेटफॉर्म पर दर्ज कराया जा सकता है.
व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते समय बरतें ये जरूरी सावधानियां
व्हाट्सएप पर पीएफ सेवाओं का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा से जुड़े कुछ नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक है. चूंकि धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल से निकाला गया नंबर ही इस्तेमाल में लाएं.
ईपीएफओ कभी भी किसी मैसेज के जरिए आपके बैंक खाते की संवेदनशील जानकारी, एटीएम पिन या ओटीपी (OTP) नहीं मांगता है. इसलिए किसी भी अनजान नंबर पर अपने निजी और वित्तीय विवरण साझा न करें और केवल अधिकृत हेल्पडेस्क के माध्यम से ही संवाद करें.
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