स्टैंड फैन का यह ट्रिक बढ़ा सकता है AC की कूलिंग और घटा देगा बिजली बिल, जानें कैसे

गर्मी में AC के साथ स्टैंड फैन का यूज कमरे को जल्दी और ज्यादा नॉर्मल रूप से ठंडा करने का आसान तरीका है. फैन हवा को पूरे कमरे में घुमाकर ठंडी हवा को फैलाता है, जिससे AC पर लोड कम पड़ता है और वह कम समय तक चलता है. इससे आराम भी बढ़ता है और बिजली की बचत भी होती है.

Pedestal Fan With AC: गर्मी में बिजली का बिल अक्सर टेम्परेचर से भी तेज बढ़ता हुआ लगता है. अगर आपका AC कमरे को ठंडा करने में ज्यादा समय ले रहा है और आपको लग रहा है कि अब नया AC लेना ही इसका हल है, तो जरा रुकिए. असल में, हर बार दिक्कत AC में नहीं होती. कई बार इसका आसान और सस्ता समाधान एक स्टैंड फैन भी हो सकता है, जिसकी कीमत नए AC के मुकाबले बहुत कम होती है.

दिलचस्प बात ये है कि AC और पंखे का साथ में इस्तेमाल कई बार अकेले AC से भी बेहतर कूलिंग देता है. आइए आपको बताते हैं कि ये दोनों कैसे मिलकर काम करते हैं, ताकि आप बिना हजारों रुपये खर्च किए भी अपने कमरे को ज्यादा जल्दी और ज्यादा किफायती तरीके से ठंडा रख सकते हैं.

AC की कूलिंग में असली दिक्कत कहां है?

AC सिर्फ हवा को ठंडा नहीं करता, बल्कि इसके अंदर लगा एक टेम्परेचर सेंसर भी होता है जो यह तय करता है कि कंप्रेसर कब बंद करना है ताकि बिजली की बचत हो सके. लेकिन असली दिक्कत यहां शुरू होती है. ठंडी हवा गर्म हवा से भारी होती है, इसलिए वह नीचे फर्श की तरफ जमने लगती है, जबकि कमरे का ऊपरी हिस्सा अभी भी गर्म रहता है.

अब होता ये है कि ठंडी हवा एसी के आसपास ही जमा हो जाती है, और सेंसर को लगने लगता है कि कमरा पहले ही ठंडा हो चुका है. नतीजा यह होता है कि एसी समय से पहले कंप्रेसर बंद कर देता है, जबकि असल में पूरे कमरे में अभी उतनी ठंडक पहुंची ही नहीं होती जितनी होनी चाहिए.

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स्टैंड फैन कैसे AC की कूलिंग को और ज्यादा असरदार बनाता है?

इस प्रॉब्लम का एक आसान सॉल्यूशन है स्टैंड फैन. यह ज्यादा हवा नहीं जोड़ता, बल्कि पूरे कमरे में हवा को लगातार घुमाता रहता है. जब हवा घूमती है, तो ठंडी और गर्म हवा आपस में मिल जाती है. इससे AC का सेंसर सही टेम्परेचर समझ पाता है और कंप्रेसर तब तक चलता रहता है जब तक कमरा सच में ठंडा न हो जाए. नतीजा ये होता है कि कमरा जल्दी और बराबर ठंडा होता है, और AC को ज्यादा देर तक चलना भी नहीं पड़ता.

लेकिन बात सिर्फ कमरे में एक एक्स्ट्रा स्टैंड फैन चला देने की नहीं है. असल खेल तो उसके सही प्लेसमेंट का है. अगर फैन सही जगह नहीं रखा गया, तो ये पूरा ट्रिक बेकार हो जाता है. सही तरीका ये है कि फैन को कमरे के उस कोने में रखें जो AC के ठीक सामने वाले हिस्से में हो. यानी आमने-सामने वाला हिस्सा. इसका फायदा ये होता है कि फैन की हवा AC की ठंडी हवा से टकराती है और उसे पूरे कमरे में फैला देती है.

AC और स्टैंड फैन का कॉम्बो बिजली को कैसे बचाता है?

एक स्टैंड फैन सिर्फ हवा नहीं देता, बल्कि शरीर पर ‘विंड-चिल इफेक्ट’ भी बनाता है. यानी जब हवा चलती है तो त्वचा पर मौजूद पसीना जल्दी सूख जाता है, जिससे आपको असल टेम्परेचर से ज्यादा ठंडक महसूस होती है. इसी वजह से आप AC का टेम्परेचर 2-3 डिग्री तक बढ़ाकर भी आराम से रह सकते हैं.अच्छी बात ये है कि हर एक डिग्री बढ़ाने पर बिजली की खपत में अच्छी-खासी बचत होती है. सीधी बात ये है कि AC और फैन को साथ चलाना, अक्सर सिर्फ AC को कम टेम्परेचर पर लंबे समय तक चलाने से कहीं ज्यादा किफायती पड़ता है.

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

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बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

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