गर्मी बढ़ते ही पंखे बेअसर लगने लगते हैं और राहत के लिए कूलर सबसे किफायती ऑप्शन बन जाता है. लेकिन कूलर की कूलिंग सिर्फ पानी या फैन पर नहीं, बल्कि उसके अंदर लगे पैड (मेश) पर भी डिपेंड करती है. आजकल बाजार में दो तरह के पैड ज्यादा मिलते हैं, जिसमें Grass (वुड-वूल) और Honeycomb शामिल है. दोनों के अपने फायदे-नुकसान होते हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि आपके लिए कौन सा बेहतर रहेगा? आइए जानते हैं.
Grass (वुड-वूल) पैड
कुछ साल पहले तक ज्यादातर कूलर में यही पैड इस्तेमाल होता था. पुराने कूलर्स में आज भी यही देखने को मिलता है.
फायदे:
- यह सस्ता होता है, इसलिए बदलना आसान और किफायती है.
- जल्दी पानी सोख लेता है, जिससे तुरंत ठंडी हवा मिलती है.
- डिजाइन सिंपल होने के कारण इस्तेमाल आसान रहता है.
नुकसान:
- ज्यादा टिकाऊ नहीं होता, हर सीजन में बदलना पड़ सकता है.
- साफ करना मुश्किल होता है, जिससे गंदगी जमा हो जाती है.
- गर्मी में जल्दी सूख जाता है, जिससे कूलिंग कम हो जाती है.
Honeycomb पैड
यह एडवांस्ड कूलर्स में इस्तेमाल होने वाला पैड है, जो दिखने में मधुमक्खी के छत्ते जैसा होता है और खास डिजाइन के साथ आता है.
फायदे:
- ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक चलने वाला.
- पानी को ज्यादा देर तक बनाए रखता है, जिससे बेहतर कूलिंग मिलती है.
- कम मेंटेनेंस के साथ लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है.
नुकसान:
- Grass पैड के मुकाबले महंगा होता है.
- खारे पानी के इस्तेमाल से जल्दी जाम हो सकता है.
- लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद बदबू आ सकती है.
- फिटिंग थोड़ा मुश्किल हो सकता है.
कौन सा लेना सही?
Grass पैड और Honeycomb पैड दोनों के ही अपने-अपने फायदे और नुकसान है. ऐसे में आप अपनी जरूरत और बजट को ध्यान में रखते हुए आप किसी एक को चुन सकते हैं. अगर आपका बजट कम है और आप तुरंत कूलिंग चाहते हैं, तो Grass पैड एक अच्छा ऑप्शन है. लेकिन अगर आप लंबे समय तक बेहतर कूलिंग और कम मेंटेनेंस चाहते हैं, तो Honeycomb पैड ज्यादा बेहतर साबित होगा.
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