ऑनलाइन शॉपिंग पर भरोसा करने वाले करोड़ोंयूजर्स के लिए बड़ी खबर है. दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी Amazon ने अपनी पहली ‘ट्रस्टेड शॉपिंग एक्सपीरियंस’ रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में कंपनी ने वैश्विक स्तर पर 1.5 करोड़ से ज्यादा नकली उत्पादों को जब्त किया और करोड़ों संदिग्ध फर्जी रिव्यू को प्लैटफॉर्म पर आने से पहले ही रोक दिया.
नकली सामान पर बड़ी कार्रवाई
रिपोर्ट बताती है कि ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर नकली प्रोडक्ट्स का खतरा लगातार बढ़ रहा है. इसे रोकने के लिए Amazon ने पिछले साल बड़े स्तर पर अभियान चलाया.
कंपनी ने चीन समेत कई देशों की एजेंसियों और ब्रांड्स के साथ मिलकर 70 से ज्यादा छापेमारी करवाई, जिससे नकली सामान बनाने और बेचने वाले नेटवर्क पर सीधा प्रहार हुआ.
AI और मशीन लर्निंग बना सबसे बड़ा हथियार
Amazon अब सिर्फ मैन्युअल चेकिंग पर निर्भर नहीं है. कंपनी उन्नत AI और मशीन लर्निंग तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों को पहले ही पहचान लिया जाता है.
इसी टेक्नोलॉजी की मदद से करोड़ों फर्जी रिव्यू और स्कैम्स को यूजर्स तक पहुंचने से पहले ब्लॉक किया गया. इससे ग्राहकों को सही प्रोडक्ट चुनने में मदद मिलती है.
100 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट बंद
नकली रिव्यू और स्कैम को बढ़ावा देने वाली 100 से ज्यादा वेबसाइट्स को भी बंद किया गया. ये वेबसाइट्स यूजर्स को गुमराह कर प्रोडक्ट्स की फर्जी लोकप्रियता दिखाती थीं.
इस कार्रवाई से ऑनलाइन शॉपिंग सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है.
32,000 से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई
Amazon की CounterfeitCrimesUnit(CCU) ने 2020 से लेकर अब तक 14 देशों में 32,000 से ज्यादा संदिग्ध लोगों और नेटवर्क्स के खिलाफ कार्रवाई की है.
इन मामलों में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी जानकारी दी गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सख्ती बढ़ी है.
यूजर्स के लिए क्या मतलब?
इस पूरी कार्रवाई का सीधा फायदा ग्राहकों को मिलने वाला है.
अब यूजर्स को नकली प्रोडक्ट मिलने का खतरा कम होगा और रिव्यू सिस्टम भी ज्यादा भरोसेमंद बनेगा. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूजर्स को भी सतर्क रहना चाहिए और केवल भरोसेमंद सेलर्स से ही खरीदारी करनी चाहिए.
यह भी पढ़ें: Amazon का फैसला- 2012 से पहले के Kindle अब नहीं करेंगे काम
