अब Google Wallet भारत में और भी काम का होने जा रहा है. Google ने अनाउंसमेंट किया है कि इंडियन यूजर्स अब अपने Google Wallet में सीधे Aadhaar Verifiable Credentials सेव कर सकेंगे. यानी आपका आधार अब सिर्फ कार्ड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपके स्मार्टफोन में सेफ डिजिटल रूप में भी मौजूद होगा.
इस नए फीचर का मकसद रोजमर्रा के कामों को और आसान बनाना है. चाहे ऐज वेरिफिकेशन करना हो, ट्रेवल के दौरान फॉर्म भरना हो या किसी गेटेड सोसाइटी में एंट्री लेनी हो, अब पहचान साबित करना पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा. सबसे खास बात है इसकी प्राइवेसी. Google ने इसमें ‘Selective Disclosure’ जैसी टेक्नोलॉजी दी है. इसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर आपकी पूरी जानकारी नहीं, बल्कि सिर्फ वही डिटेल शेयर होगी जो जरूरी है.
Google Wallet में Aadhaar कहां-कहां काम आएगा?
Google ने भारत में इस फीचर के लिए कुछ शुरुआती पार्टनर्स के नाम भी बताए हैं. इनमें PVR INOX, BharatMatrimony, Atlys, Mygate और Snabbit शामिल हैं.
- PVR INOX: फिल्म देखने के लिए उम्र साबित करने और रिवॉर्ड्स पाने में मदद करेगा.
- BharatMatrimony: प्रोफाइल को ‘Prime Verified’ बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.
- Atlys: इंटरनेशनल वीजा अप्लाई करते समय फॉर्म अपने आप भरने में मदद मिलेगी.
- Mygate: डिलीवरी बॉय और सर्विस स्टाफ की पहचान जांचने के लिए जल्द इस्तेमाल होगा.
- Snabbit: भविष्य में सर्विस प्रोवाइडर्स की वेरिफिकेशन के लिए इसका उपयोग किया जाएगा.
प्राइवेसी है सबसे बड़ा सवाल
डिजिटल आईडी की बात आते ही सबसे पहला सवाल यही उठता है कि आखिर हमारा कितना डेटा शेयर होगा? यह चिंता बिल्कुल जायज है. Google का कहना है कि उसने इस पूरे सिस्टम में सिक्योरिटी, प्राइवेसी और इंटरऑपरेबिलिटी को हर स्तर पर शामिल किया है. इस फीचर की सबसे खास बात है Selective Disclosure. यानी अगर किसी सर्विस को सिर्फ आपकी ऐज वेरिफाई करनी है, तो उसे आपकी पूरी आईडी देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे बेवजह पर्सनल डिटेल्स शेयर करने की जरूरत काफी हद तक कम हो सकती है.
Google ने सिंगापुर, ताइवान और ब्राजील में पासपोर्ट-बेस्ड डिजिटल आईडी पास भी शुरू किए हैं. लेकिन भारत के लिए सबसे बड़ी खबर Aadhaar को Google Wallet से जोड़ने की है.
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