गूगल ने अपने Chrome ब्राउजर को लेकर एक इमरजेंसी सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. कंपनी ने बताया है कि ब्राउजर में दो गंभीर कमजोरियां (CVE-2026-3909 और CVE-2026-3910) मिली हैं, जिन्हें हैकर्स सक्रिय रूप से एक्सप्लॉइट कर सकते हैं. इसे Zero-Day Vulnerability कहा जाता है, यानी पैच आने से पहले ही इसका गलत इस्तेमाल संभव है. दुनिया भर में 3.5 अरब से अधिक यूजर्स Chrome का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में तुरंत अपडेट करना बेहद जरूरी है.
खतरे की गंभीरता को समझें
गूगल ने कहा है कि इन कमजोरियों का इस्तेमाल कर हैकर्स ब्राउजर को टारगेट कर सकते हैं और संवेदनशील डेटा तक पहुंच बना सकते हैं. कंपनी ने तकनीकी डिटेल्स साझा नहीं की हैं ताकि हैकर्स पैच से पहले इसका फायदा न उठा सकें.
ब्राउजर क्यों होते हैं टारगेट
ब्राउजर इंटरनेट का मुख्य गेटवे हैं- सर्चिंग, ऑनलाइन बैंकिंग और वेब एप्लिकेशन तक पहुंच इन्हीं से होती है. Chrome का सबसे बड़ा मार्केट शेयर होने के कारण यह साइबर अपराधियों का पसंदीदा टारगेट है.
एक्सपर्ट्स की चेतावनी
साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों का कहना है कि इन कमजोरियों का इस्तेमाल कर हैकर्स सेशन हाईजैकिंग और एडवांस फिशिंग अटैक्स कर सकते हैं, जो मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को भी बायपास कर सकते हैं.
यूजर्स के लिए सावधानियां
- तुरंत Chrome को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करें
- संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक करने से बचें
- ऑटोमैटिक अपडेट ऑन रखें
- अकाउंट्स में असामान्य गतिविधि पर नजर रखें
गूगल ने कहा है कि वह स्थिति पर नजर रख रहा है और अपने प्रोडक्ट्स में उच्चतम स्तर की सुरक्षा बनाये रखने के लिए काम कर रहा है.
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