देश के ऑनलाइन शॉपिंग बाजार में बढ़ती कड़ी प्रतिस्पर्धा और नए प्लैटफॉर्म्स की एंट्री के बावजूद फ्लिपकार्ट समूह ने अपनी लीडरशिप पोजीशन को और मजबूत कर लिया है. दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) सिक्योरिटीज की ताजा विश्लेषण रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि फ्लिपकार्ट ग्रुप न केवल जनरल रिटेलिंग में सबसे आगे चल रहा है, बल्कि उसकी सहयोगी कंपनी मिंत्रा (Myntra) ने भी ऑनलाइन फैशन और लाइफस्टाइल सेगमेंट में एकतरफा बढ़त बना ली है. भारतीय उपभोक्ताओं की लगातार बढ़ती मांग और मजबूत डिजिटल जुड़ाव के दम पर इस ई-कॉमर्स दिग्गज ने बाजार के बड़े हिस्से पर अपना कब्जा जमाए रखा है, जो आने वाले समय में इसके कारोबार के लिए नए रास्ते खोलेगा.
सेंसर टावर के आंकड़ों ने लगाई मुहर, यूजर इंगेजमेंट में फ्लिपकार्ट अव्वल
बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज ने इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए सेंसर टावर के डेली एक्टिव यूजर्स (DAU) यानी दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के आंकड़ों और गहन औद्योगिक विश्लेषण का सहारा लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 के मध्य तक भी भारतीय ग्राहकों के बीच फ्लिपकार्ट सबसे पसंदीदा और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ई-कॉमर्स मंच बना हुआ है. बाजार में कई नए और क्विक-कॉमर्स खिलाड़ियों के आने के बाद भी फ्लिपकार्ट पर ग्राहकों का भरोसा कम नहीं हुआ है. इसके विपरीत, यूजर्स की ऐप पर मौजूदगी और उनके खरीदने के पैटर्न में पहले से ज्यादा मजबूती दर्ज की गई है.
प्रीमियम फैशन और ब्यूटी सेगमेंट में मिंत्रा का एकतरफा दबदबा
इस रिपोर्ट का सबसे दिलचस्प पहलू फैशन कैटेगरी को लेकर है, जहां फ्लिपकार्ट की ही कंपनी मिंत्रा ने अपने सभी मुख्य कॉम्पिटिटर्स को काफी पीछे छोड़ दिया है. ब्रोकरेज कंपनी बोफा के मुताबिक, देश के प्रीमियम फैशन और ब्यूटी (सौंदर्य) उत्पादों के बाजार में इस समय मिंत्रा को टक्कर देने वाली बेहद सीमित प्रतिस्पर्धा मौजूद है. इसी कम कॉम्पिटिशन का फायदा उठाकर मिंत्रा ने देश के टियर-1 और टियर-2 शहरों के एलीट व यूथ कस्टमर बेस पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. हाई-एंड ब्रांड्स के साथ एक्सक्लूसिव पार्टनरशिप और आसान यूजर इंटरफेस ने मिंत्रा को फैशन लवर्स की पहली पसंद बना दिया है.
महंगाई में राहत और सुधरते आर्थिक हालात से शॉपिंग सेंटिमेंट को बूस्ट
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में फ्लिपकार्ट समूह की इस ग्रोथ रेट में और तेजी देखने को मिल सकती है. बाजार में लंबे समय से बने हुए मुद्रास्फीति (महंगाई) के दबाव में अब धीरे-धीरे कमी आ रही है. इसके साथ ही देश की व्यापक आर्थिक परिस्थितियों और मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है. इस सकारात्मक बदलाव की वजह से आने वाले फेस्टिव सीजन और शॉर्ट-टर्म में आम जनता की खर्च करने की क्षमता (कंजम्पशन ग्रोथ) बढ़ेगी, जिसका सीधा और बड़ा फायदा ऑनलाइन शॉपिंग इंडस्ट्री को मिलने की पूरी उम्मीद है.
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