Flipkart से 6 साल पहले ऑर्डर की चप्पल, डिलीवरी के लिए अब आया कस्टमर केयर का कॉल

Flipkart 6 Year Pending Order : मुंबई के एक शख्स को ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट के कस्टमर केयर से उस ऑर्डर के लिए एक कॉल आया, जिसे उसने 6 साल पहले प्लेस किया था. शख्स ने सोशल मीडिया प्लैटफाॅर्म एक्स पर इसके बारे में बताया और देखते ही देखते इस पोस्ट ने सोशल मीडिया में समां बांध दिया.

Flipkart 6 Year Pending Order : मामला हैरान करनेवाला है. भारत में जहां ई-कॉमर्स कंपनियां अपने यूजर्स तक उनका ऑर्डर किया हुआ सामान जल्द से जल्द डिलीवरी करने का वादा करती हैं, वहीं एक बड़ी ई-कॉमर्स का छह साल का पेंडिंग ऑर्डर सोशल मीडिया में बवाल काट रहा है. दरअसल, मुंबई के एक शख्स ने सोशल मीडिया प्लैटफाॅर्म एक्स पर एक पोस्ट कर एक ऐसे ऑर्डर के बारे में बताया है, जो बीते 6 साल से डिलीवर नहीं हो पाया है. यह पोस्ट इंटरनेट पर वायरल हो रहा है.

कस्टमर ने मंगायी थी हवाई चप्पल

मुंबई में रहनेवाले एहसान खरबाई नाम के इस शख्स को ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट के कस्टमर केयर से उस ऑर्डर के लिए एक कॉल आया, जो उसने 6 साल पहले प्लेस किया था. एहसान ने सोशल मीडिया प्लैटफाॅर्म एक्स पर एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए यह बात कही. इस स्क्रीनशॉट में 16 मई 2018 का एक ऑर्डर देखा जा सकता है, जिसमें कस्टमर ने हवाई चप्पल मंगायी थी. उसके अगले दिन 19 मई 2018 को ऑर्डर शिप हो जाता है और उसका स्टेटस ‘ऑउट फॉर डिलीवरी’ यानी ऑर्डर डिलीवरी के लिए निकला दिखाई दे रहा है. वहीं, स्क्रीनशॉट में भी ऑर्डर डिलीवरी की एक्सपेक्टेड डेट 20 मई 2018 दिखाई दे रही है.

ऐप में हमेशा ऑर्डर आज आने का मैसेज आता है

एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, एहसान ने बताया कि 6 साल पहले मंगायी चप्पल आज तक आयी नहीं, लेकिन ऐप में हमेशा ऑर्डर ‘अराइविंग टुडे’ यानी आज आने का मैसेज आता था. आज तक ‘अराइविंग टुडे’ का मैसेज आता है. एहसान ने कहा कि जब उन्होंने 6 साल पुराने ऑर्डर के लिए कॉल किया तो मुझे आश्चर्य हुआ. एहसान की मानें, तो उनका यह ऑर्डर कैश ऑन डिलीवरी यानी डिलिवरी के बाद पेमेंट का था, तो उन्होंने इस ऑर्डर पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया.

कस्टमर केयर से कैसे आया कॉल?

एहसान खरबाई ने बताया है कि हाल ही में उन्होंने यह देखने के लिए इस ऑर्डर पर क्लिक किया कि क्या दिखाई देता है? और अगले दिन उन्हें फ्लिपकार्ट से एक कॉल आया जिसमें पूछा गया कि उन्हें उस ऑर्डर के साथ क्या दिक्कत आ रही है. जब एहसान ने अपनी समस्या बतायी, तो कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें लॉजिस्टिक्स टीम से कोई कॉल आया था. और यह कहते हुए कॉल पूरी हुई कि हमें इसके लिए खेद है. अब यह पोस्ट इंटरनेट पर वायरल हो रहा है.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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