.EXE और .DLL फाइल से हो रहा WhatsApp Hack, भूलकर भी न खोलें ये फाइल

WhatsApp यूजर्स के लिए जरूरी खबर! .EXE और .DLL फाइलों के जरिए साइबर अपराधी आपके अकाउंट और कंप्यूटर को हैक कर सकते हैं. जानें इस नए मैलवेयर स्कैम से कैसे बचें और अपनी जानकारी सुरक्षित रखें.

अगर आप लैपटॉप या डेस्कटॉप पर WhatsApp Web या WhatsApp Desktop इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) की जागरूकता इकाई CyberDost ने WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी अब .EXE और .DLL फाइलों के जरिये लोगों के व्हाट्सऐप अकाउंट और कंप्यूटर पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. एक बार यह फाइल चल गई तो हैकर्स आपके चैट, कॉन्टैक्ट, डॉक्यूमेंट और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं.

कैसे फैल रहा है नया WhatsApp Malware Scam?

CyberDost के मुताबिक, साइबर अपराधी अब साधारण फिशिंग लिंक की बजाय .EXE और .DLL जैसी एग्जीक्यूटेबल फाइलों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन फाइलों को ऐसे नाम दिए जाते हैं कि वे देखने में सामान्य PDF या डॉक्यूमेंट जैसी लगें. उदाहरण के तौर पर "Invoice.pdf.exe" या ZIP फाइल के अंदर छिपी एग्जीक्यूटेबल फाइल भेजी जाती है.

यूजर जैसे ही इसे अपने Windows कंप्यूटर पर खोलता है, बैकग्राउंड में मैलवेयर एक्टिव हो जाता है. कई मामलों में यूजर को इसका पता भी नहीं चलता और सिस्टम सामान्य रूप से काम करता दिखाई देता है.

WhatsApp अकाउंट कैसे हो सकता है हैक?

यह मैलवेयर Windows सिस्टम में सेव WhatsApp Desktop और WhatsApp Web के सेशन टोकन को निशाना बनाता है. यदि हमलावर इन टोकन तक पहुंच बना लेते हैं, तो वे बिना OTP या दोबारा लॉगिन किए आपके WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर सकते हैं.

इसके बाद हैकर्स आपके निजी चैट, फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट लिस्ट और जरूरी दस्तावेज देख सकते हैं. कुछ मामलों में मैलवेयर कीबोर्ड पर टाइप होने वाली जानकारी भी रिकॉर्ड करता है, जिससे बैंकिंग पासवर्ड और अन्य संवेदनशील डेटा चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है.

कंपनियों और ऑफिस कर्मचारियों के लिए ज्यादा खतरनाक

यह खतरा सिर्फ आम यूजर्स तक सीमित नहीं है. अगर किसी कंपनी के कर्मचारी का WhatsApp अकाउंट हैक हो जाता है, तो अपराधी उसी अकाउंट से दूसरे कर्मचारियों को फर्जी मैसेज भेज सकते हैं.

इसे अक्सर "Boss Scam" कहा जाता है, जिसमें हैकर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी बनकर फाइनेंस टीम को पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश देते हैं. क्योंकि मैसेज असली WhatsApp अकाउंट से आता है, इसलिए कई बार लोग धोखे में आ जाते हैं.

CyberDost ने क्या सावधानियां अपनाने की सलाह दी?

CyberDost और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान .EXE या .DLL फाइल को कभी भी डाउनलोड या ओपन न करें. अगर गलती से ऐसी फाइल चल जाए तो तुरंत कंप्यूटर को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करें और अपने सभी महत्वपूर्ण अकाउंट के पासवर्ड बदल दें.

WhatsApp के Linked Devices सेक्शन में जाकर समय-समय पर सभी एक्टिव डिवाइस की जांच करें. अगर कोई अनजान डिवाइस दिखाई दे तो उसे तुरंत लॉगआउट कर दें. इसके अलावा WhatsApp में Two-Step Verification जरूर चालू रखें ताकि कोई दूसरा व्यक्ति आपके अकाउंट को दोबारा रजिस्टर न कर सके.

अगर धोखाधड़ी हो जाए तो क्या करें?

यदि आपका WhatsApp अकाउंट हैक हो जाए या किसी तरह की आर्थिक ठगी हो जाए, तो बिना देरी किये National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें या 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें. शुरुआती समय में शिकायत दर्ज होने पर जांच एजेंसियों के पास संदिग्ध बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन को ट्रैक करने की संभावना ज्यादा रहती है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जैसे-जैसे WhatsApp और दूसरे मैसेजिंग प्लैटफॉर्म कामकाज का अहम हिस्सा बन रहे हैं, वैसे-वैसे इनसे जुड़े साइबर हमले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा साबित हो सकती है.


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Published by: Rajeev Kumar

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