यूज के बाद गलती से भी सॉकेट में लगा न छोड़ें ये 5 डिवाइस, वरना जेब भी जलेगी और घर भी

Electricity Saving Tips: हमारी आदत होती है कि कोई भी इलेक्ट्रिकल डिवाइस इस्तेमाल के बाद अक्सर उन्हें सॉकेट में लगा छोड़ देते हैं. लेकिन ऐसा करने से न केवल बिजली का बिल बढ़ता है, बल्कि आग का खतरा भी रहता है. इसलिए आज हम आपको बताते हैं वो 5 डिवाइस, जिन्हें हर बार इस्तेमाल के बाद अनप्लग करना जरूरी है.

Electricity Saving Tips: हमारी आदत होती है कि हम कोई भी डिवाइस इस्तेमाल करते हैं और उसे सॉकेट में लगा हुआ छोड़ देते हैं. लेकिन कुछ ऐसे डिवाइस होते हैं जिन्हें इस्तेमाल के बाद जरूर सॉकेट से निकल देना चाहिए. ज्यादातर लोग आग लगने के खतरे वाले अप्लायंसेज के बारे में तो जानते हैं, लेकिन यह कम ही सोचते हैं कि कुछ डिवाइस बिजली का बिल भी चुपचाप बढ़ा रहे होते हैं. इसलिए आज हम आपको उन डिवाइसों के बारे में बताने जा रहें जिन्हें आपको हर बार इस्तेमाल के बाद अनप्लग करना चाहिए, ताकि आप सेफ रहे और  बिजली की खपत भी कम हो.

इलेक्ट्रिक केतली (Electric Kettle)

अगर आप सर्दियों में पानी गर्म करने के लिए इलेक्ट्रिक केतली का इस्तेमाल करते हैं, तो हर बार यूज के बाद उसे सॉकेट से निकालना जरूरी है. यह छोटा-सा डिवाइस आग लगने का खतरा बढ़ा सकता है और बंद रहने पर भी बिजली खींचता रहता है, इसलिए इसे “एनर्जी वैम्पायर” भी कहा जाता है.

रूम हीटर (Room Heater)

रूम हीटर या इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट इस्तेमाल के बाद या घर से बाहर निकलने से पहले जरूर सॉकेट से निकाल देने चाहिए. भले ही हीटर बंद हों, लेकिन अगर वे सॉकेट में लगे रहें और कोई इलेक्ट्रिकल खराबी हो जाए, तो आग लगने का खतरा बना रहता है. इसलिए इस्तेमाल के बाद इन्हें अनप्लग करना और घर को सेफ रखना सबसे बेहतर तरीका है.

मोबाइल चार्जर (Mobile Charger)

हममें से कई लोग फोन चार्ज होने के बाद भी चार्जर को सॉकेट में लगा छोड़ देते हैं. बिना फोन जुड़े होने के बावजूद सॉकेट में लगा चार्जर बिजली खींचता रहता है. इसे निकाल देने से यह फालतू खपत बंद हो जाती है और खराब तार या सर्किट की वजह से आग लगने का खतरा भी कम हो जाता है.

हेयर ड्रायर (Hair Dryer)

हेयर ड्रायर और दूसरे हीट स्टाइलिंग टूल्स को इस्तेमाल के बाद सॉकेट में लगा छोड़ना ठीक नहीं होता. जैसे किचन के डिवाइसों के साथ सावधानी जरूरी होती है, वैसे ही ये टूल्स भी खराब वायर या ज्यादा गर्म होने पर आग का खतरा पैदा कर सकते हैं. इसलिए सेफ रहने के लिए काम खत्म होते ही इन्हें हमेशा सॉकेट से निकाल देना बेहतर है.

टीवी और कंप्यूटर (TV and Computer)

अगर आप टीवी और कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस्तेमाल में न होने पर भी सॉकेट में लगाए रखते हैं, तो यह भले ही झंझट भरा लगे, लेकिन अच्छी आदत है. ऐसे डिवाइस ज्यादा गर्म होने वाले डिवाइसों जितना बड़ा शॉर्ट सर्किट या आग का खतरा तो नहीं बनते, फिर भी थोड़ा रिस्क रहता है. सबसे बड़ी बात यह है कि इन्हें अनप्लग करने से बेवजह की बिजली खपत कम होती है, क्योंकि ये बंद रहने पर भी पावर खींचते रहते हैं.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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