मिनटों में पता लगाएं Aadhaar Card असली है या नकली, जानिए आसान तरीका

अगर आपको किसी Aadhaar Card पर शक है, तो यहां कुछ ऐसे आसान तरीकों के बारे में बताया गया है, जिसकी मदद से आप जांच कर सकते हैं की आधार कार्ड असली है या नहीं. सही समय पर जांच करने से पहचान चोरी, साइबर ठगी और ऑनलाइन फ्रॉड जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है.

भारत में आधार कार्ड (Aadhaar Card) सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स में से एक है. बैंकिंग, सिम कार्ड, सरकारी योजनाओं, नौकरी और कई जरूरी सेवाओं में इसका इस्तेमाल पहचान पत्र की तरह किया जाता है. लेकिन पिछले कुछ समय में फर्जी आधार कार्ड के मामले तेजी से बढ़े हैं. साइबर ठगी, फर्जी बैंक अकाउंट, नकली सिम कार्ड और ऑनलाइन फ्रॉड जैसे मामलों में नकली आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है.

सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कई फर्जी आधार कार्ड देखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं, जिससे केवल आंखों से पहचान करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि किसी आधार कार्ड की असलियत कैसे जांची जाए. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान तरीकों से आप बिना किसी तकनीकी जानकारी के भी आधार की जांच कर सकते हैं.

आधार नंबर से करें जांच

आधार कार्ड की पहचान करने का सबसे आसान तरीका उसका 12 अंकों वाला यूनिक नंबर वेरिफाई करना है. हर असली आधार नंबर UIDAI द्वारा जारी किया जाता है. अगर Aadhaar नंबर सही और एक्टिव है, तो वेरिफिकेशन के दौरान उससे जुड़ी कुछ बेसिक जानकारी जैसे जेंडर, उम्र और राज्य दिखाई देते हैं. इससे यह पता चल जाता है कि Aadhaar नंबर सिस्टम में मौजूद है या नहीं. अगर नंबर फर्जी या निष्क्रिय है, तो सिस्टम उसे पहचान नहीं पाएगा.

इसके लिए आप UIDAI के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं और वहां आधार सत्यापन (Verify Aadhaar) पर क्लिक करें और 12 अंकों का आधार नंबर और कैप्चा दर्ज करें. अगर कार्ड नकली है, तो सिस्टम में नंबर दिखाई नहीं देगा.

QR Code स्कैन करके पहचानें असली Aadhaar

हर आधार कार्ड पर एक सिक्योर QR Code दिया जाता है, जिसमें डिजिटल रूप से सुरक्षित जानकारी स्टोर होती है. यह नकली आधार पहचानने का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है.

QR Code स्कैन करने पर यूजर का नाम, फोटो, जन्मतिथि, जेंडर और पता जैसी जानकारी दिखाई देती है. ऐसे में आधार क्यूआर स्कैनर ऐप (मोबाइल/डेस्कटॉप के लिए उपलब्ध) का इस्तेमाल कर क्यूआर कोड स्कैन करें. अगर स्कैन के बाद मिली जानकारी कार्ड पर छपी डिटेल्स से मेल नहीं खाती, तो आधार फर्जी या छेड़छाड़ किया हुआ हो सकता है.

डिजिटल ऐप्स से करें वेरिफिकेशन

कई ऑफिशियल आधार ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म QR Code स्कैन करके आधार की जांच करने की सुविधा देते हैं. इससे केवल फोटो कॉपी या प्रिंटेड कार्ड पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती. ऐसे में डिजिटल वेरिफिकेशन से एडिट की गई फर्जी कॉपियों की पहचान करना आसान हो जाता है.

इन संकेतों को नजरअंदाज न करें

भले ही आजकल कई नकली आधार कार्ड काफी असली जैसे दिखते हैं, लेकिन कुछ छोटी गलतियां उनकी पहचान बता सकती हैं. ऐसे में कुछ बातों को ध्यान रखना चाहिए, जैसे-

  • धुंधली प्रिंटिंग
  • QR Code का सही से न दिखना
  • स्पेलिंग की गलतियां
  • टेढ़ा या गलत अलाइनमेंट वाला टेक्स्ट
  • खराब क्वालिटी की फोटो
  • UIDAI लोगो की गलत जगह
  • अलग या असामान्य फॉन्ट

Aadhaar इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां

आधार से जुड़ी जानकारी शेयर करते समय हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए. जैसे-

  • बिना जरूरत आधार की कॉपी शेयर न करें
  • अनजान वेबसाइट पर आधार अपलोड करने से बचें
  • फर्जी वेरिफिकेशन लिंक पर क्लिक न करें
  • केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर ही आधार वेरिफाई करें
  • जहां संभव हो Masked Aadhaar का इस्तेमाल करें

थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े फ्रॉड और पहचान चोरी जैसी समस्याओं से बचा सकती है.

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लेखक के बारे में

By Shivani Shah

शिवानी कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर टेक-ऑटो कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में वह 3 सालों से सक्रिय हैं. वह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं. वह आसान भाषा और साफ तरीके से खबर लिखती हैं. टेक कैटेगरी में वह स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स पर खबर लिखती हैं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी शिवानी नई कार-बाइक लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ऑटो अपडेट्स, कार और बाइक से जुड़े टिप्स व नई तकनीक पर खबरें लिखती हैं. वह टेक और ऑटो की खबरों को आसान तरीके से पेश करती हैं, ताकि हर रीडर उसे आसानी से समझ सके. उनकी लेखन शैली आसान, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है. शिवानी ने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे कंटेन्ट राइटिंग की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिवानी ने Lagatar.Com और The News Post जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है. यहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य न्यूज बीट पर कंटेंट तैयार किया. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में उनकी खास रुचि है और वह लगातार नए विषयों पर बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट तैयार कर रही हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शिवानी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि रीडर्स तक सही, काम की खबरें और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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