ये डॉक्टर Apple Vision Pro से कर रहे हैं आंखों की सर्जरी, जानिए कैसे काम करता है ये डिवाइस

एक आंख के डॉक्टर ने Apple Vision Pro को ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल करके सर्जरी को नया रूप दिया है. यह डिवाइस सर्जरी के लाइव 3D व्यू और मरीज डेटा को एक ही विजन में दिखाकर काम को ज्यादा सटीक बनाता है.

किसने सोचा था कि Apple Vision Pro को ऑपरेशन थिएटर में भी इस्तेमाल किया जाएगा? लेकिन इस डॉक्टर ने इसे सच कर दिखाया है. जब Apple ने Vision Pro लॉन्च किया था, तो लोग इसे एक फ्यूचरिस्टिक गैजेट मानकर काफी एक्साइटेड थे. लेकिन असल में इसका इस्तेमाल ज्यादातर रोजमर्रा की चीजों या फिर मनोरंजन तक ही सीमित रहा.

$3,499 (करीब ₹3.25 लाख) की भारी कीमत की वजह से भी ये डिवाइस आम लोगों तक नहीं पहुंच पाया. लेकिन अब एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है. Vision Pro को आखिरकार एक प्रैक्टिकल और बेहद अहम काम में इस्तेमाल किया जा रहा है, और वो है ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी के दौरान.

एक एक्सपेरिमेंट जो बन गया रेगुलर प्रैक्टिस

न्यूयॉर्क में 15 अक्टूबर 2025 को नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologist) डॉ. एरिक रोसेनबर्ग ने पहली बार Vision Pro की मदद से सर्जरी की थी. शुरुआत में यह सिर्फ एक एक्सपेरिमेंट था, लेकिन एक LinkedIn वीडियो में उन्होंने बताया कि तब से लेकर अब तक वे इसी तकनीक से कई सर्जरी कर चुके हैं. जो चीज एक छोटे से ट्रायल के तौर पर शुरू हुई थी, वह धीरे-धीरे उनकी सर्जरी प्रोसेस का एक रेगुलर हिस्सा बन गई है.

आंखों की सर्जरी में Vision Pro: यह कैसे काम करता है?

Vision Pro यहां सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि एक तरह का माध्यम बन जाता है. इसके अंदर जो सिस्टम चलता है, वह ScopeXR नाम के प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है, जो सर्जिकल माइक्रोस्कोप से आने वाली लाइव विज़ुअल्स को सीधे हेडसेट में स्ट्रीम कर देता है.

मतलब अब सर्जन को ट्रेडिशनल लेंस या अलग-अलग स्क्रीन पर देखने की जरूरत नहीं पड़ती. Vision Pro की मदद से आंखों की सर्जरी को 3D व्यू में, उसी हेडसेट के अंदर बेहद क्लियर तरीके से देखा जा सकता है. साथ में मरीज का सारा डेटा भी उसी विजन में ओवरले होकर दिखाई देता है.

इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि बार-बार स्क्रीन बदलने या रिपोर्ट देखने के लिए नजर हटाने की जरूरत खत्म हो जाती है. सबकुछ सीधे सर्जन की आंखों के सामने रहता है. इससे फोकस बना रहता है और काम ज्यादा सटीक तरीके से हो पाता है. खासकर मोतियाबिंद जैसी आंखों की सर्जरी में, जहां एक-एक मूवमेंट बेहद अहम होता है, वहां थोड़ी-सी भी डिस्ट्रैक्शन फर्क डाल सकती है. ऐसे में ये तकनीक सर्जरी को ज्यादा कंट्रोल्ड और प्रिसाइज बनाने में मदद करती है.

एक्सपर्ट्स से जुड़ने में मदद करता है Vision Pro

ऑपरेशन थिएटर में Vision Pro सेटअप का एक और बड़ा फायदा है रिमोट कोलैबोरेशन. यानी ScopeXR की मदद से डॉक्टर रियल-टाइम में कहीं भी बैठे स्पेशलिस्ट्स से जुड़ सकते हैं. ये एक्सपर्ट्स लाइव ऑपरेशन के दौरान गाइड कर सकते हैं या जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद भी दे सकते हैं.

इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि अब एक्सपर्ट्स सिर्फ एक अस्पताल तक सीमित नहीं रहती. किसी भी जटिल केस में दुनिया के किसी भी कोने से एक्सपर्ट्स की राय और सपोर्ट मिल सकता है.

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लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.

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