AC में क्यों लगती है आग? 99% लोग करते हैं ये खतरनाक गलती

गर्मियों में AC का इस्तेमाल बढ़ जाता है, लेकिन थोड़ी सी भी लापरवाही एसी में आग लगने या ब्लास्ट होने का कारण बन सकती है. ऐसे में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

गर्मी बढ़ते ही एयर कंडीशनर (AC) कई घरों में जरूरत बन जाता है. घर हो या ऑफिस, ठंडी हवा के बिना रहना मुश्किल हो जाता है. लेकिन जहां AC हमें राहत देता है, वहीं इसकी लापरवाही भारी पड़ सकती है. हर साल AC में आग लगने या ब्लास्ट जैसी घटनाएं सामने आती हैं, जो सुनने में डरावनी जरूर लगती हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि ज्यादातर मामलों के पीछे छोटी-छोटी गलतियां होती हैं. हालांकि, सही इस्तेमाल और समय पर देखभाल से इन खतरों को काफी हद तक टाला जा सकता है.

AC में आग लगने के कारण

लगातार लंबे समय तक इस्तेमाल

गर्मियों में AC को घंटों बिना बंद किए चलाना आम बात है. लेकिन जब मशीन लगातार काम करती रहती है, तो इसके कंप्रेसर, मोटर और वायरिंग पर दबाव बढ़ जाता है. इससे ओवरहीटिंग होती है, जो धीरे-धीरे आग का कारण बन सकती है.

रेफ्रिजरेंट (गैस) लीकेज

AC की कूलिंग पूरी तरह गैस पर निर्भर करती है. अगर कहीं से गैस लीक हो रही हो, तो AC को वही टेंपरेचर बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे कंप्रेसर पर लोड बढ़ता है और यूनिट जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाती है, जिससे आग लगने का खतरा बनता है.

वोल्टेज फ्लक्चुएशन

जहां बिजली की सप्लाई स्टेबल नहीं होती, वहां AC ज्यादा जोखिम में रहता है. अचानक वोल्टेज बढ़ना या गिरना इलेक्ट्रॉनिक सर्किट्स को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग हो सकती है, जो आग की वजह बन सकती है.

खराब वायरिंग या ढीले कनेक्शन

अगर AC की इंस्टॉलेशन सही तरीके से नहीं हुई है या समय के साथ वायरिंग ढीली/खराब हो गई है, तो स्पार्किंग का खतरा बढ़ जाता है. सस्ते या लो-क्वालिटी वायर और पार्ट्स भी इस जोखिम को और बढ़ाते हैं.

गंदे फिल्टर और खराब एयरफ्लो

जब एयर फिल्टर गंदे हो जाते हैं, तो हवा का फ्लो रुक जाता है. इससे AC को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और अंदर का टेंपरेचर बढ़ने लगता है. लगातार ऐसा होने पर ओवरहीटिंग से आग लग सकती है.

आउटडोर यूनिट में वेंटिलेशन की कमी

AC का आउटडोर यूनिट अगर बंद जगह या सीधे धूप में रखा हो, जहां हवा का सही फ्लो नहीं हो, तो गर्मी बाहर नहीं निकल पाती. इससे यूनिट का टेंपरेचर बढ़ता है और ओवरहीटिंग का खतरा रहता है.

समय पर सर्विसिंग न होना

अगर AC की नियमित सर्विसिंग नहीं होती, तो छोटी-छोटी समस्याएं (जैसे गैस लीकेज, धूल जमना, वायरिंग इश्यू) बड़ी समस्या बन जाती हैं. यही लापरवाही आगे चलकर आग जैसी घटना का कारण बन सकती है.

AC में आग या ब्लास्ट से कैसे बचें?

  • AC को सुरक्षित रखने के लिए नियमित सर्विसिंग बेहद जरूरी है. गर्मियों से पहले और बीच में एक बार प्रोफेशनल से चेक करवाने से गैस लीकेज, खराब वायरिंग या डैमेज पार्ट्स जैसी समस्याएं समय रहते पकड़ में आ जाती हैं.
  • वोल्टेज स्टेबलाइजर लगाना भी एक समझदारी भरा कदम है. यह बिजली के उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करता है और AC को नुकसान से बचाता है.
  • साथ ही, एयर फिल्टर की सफाई का ध्यान रखना चाहिए. गंदे फिल्टर एयरफ्लो को रोकते हैं, जिससे AC पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है और ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ जाता है.
  • AC को लगातार चलाने के बजाय बीच-बीच में कुछ समय के लिए बंद करना या टाइमर का इस्तेमाल करना बेहतर होता है. इससे मशीन को आराम मिलता है और उसकी लाइफ भी बढ़ती है.
  • आउटडोर यूनिट की सही वेंटिलेशन भी बेहद जरूरी है. इसे खुली जगह पर रखना चाहिए, ताकि गर्म हवा आसानी से बाहर निकल सके और यूनिट ज्यादा गर्म न हो.

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लेखक के बारे में

By Shivani Shah

डिजिटल पत्रकारिता में 3 सालों का अनुभव है. प्रभात खबर में जूनियर टेक कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं. टेक्नोलॉजी कैटेगरी में ये स्मार्टफोन से लेकर टेक-टिप्स, गैजेट्स, एआई, सॉफ्टवेयर और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च-बेस्ड, इन-डेप्थ और यूजर-फोकस्ड कंटेंट लिखती हैं. इसके अलावा ये ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं.

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