कूलर चलाते ही हो रही चिपचिपी गर्मी? कमरे में रख दें बस यह ₹5 वाली चीज, बोरिया-बिस्तर समेट भागेगा उमस

Cooler Hacks: बारिश के मौसम में कूलर चलाते ही कमरे में चिपचिपाहट महसूस होने लगती है. ऐसे में केवल 5 रुपये की बेकिंग सोडा की पोटली कमरे की नमी को सोख सकती है और उमस कम कर सकती है. बेहतर कूलिंग के लिए कूलर के साथ पंखा भी चालू रखें और खिड़की को थोड़ा खुला छोड़ दें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे.

Cooler Hacks: मॉनसून की शुरुआत हो चुकी है और कई इलाकों में भरी बारिश देखने को भी मिल रही है. बारिश का मौसम आने से भले भी गर्मियों से थोड़ी राहत मिली हो लेकिन उमस भी काफी बढ़ गई है. गर्मी और उमस को दूर करने के लिए कई लोग कूलर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन यह कूलिंग से ज्यादा चिपचिप वाली गर्मी महसूस करवाती है.

इस स्थिति में अब सवाल उठता है कि क्या ऐसा कोई तरीका है जिससे कूलर का चलाते समय ठंडक भी बरकरार रहे और कमरे में चिपचिपाहट भी न हो? अच्छी बात यह है कि कुछ आसान और किफायती घरेलू उपाय अपनाकर आप कमरे की नमी को कम कर सकते हैं और कूलर की ठंडक को एसी जैसी ठंडी हवा में बदल सकते हैं. आइए एक-एक कर जानते हैं इन उपायों को.

बेकिंग सोडा का करें इस्तेमाल

बरसात के मौसम में कूलर चलाने पर अक्सर कमरे में चिपचिपाहट और उमस बढ़ जाती है. इसे कम करने का एक सबसे आसान उपाय है बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करना. बेकिंग सोडा हवा में फैली नमी को अपने अंदर सोख लेता है जिससे हवा थोड़ा सूखा महसूस होता है. इसके लिए बेकिंग सोडा को किसी कपड़े में बांधकर पोटली बना लें और उसे कमरे के किसी कोने में टांग दें या फिर किसी एक कोने में टेबल पर बेकिंग सोडा को एक कटोरे में डाल कर रख दें. जब आप कूलर चालू करेंगे तो बेकिंग सोडा नमी को सोख लेगा जिससे कमरे में ठंडक के साथ-साथ चिपचिपाहट भी नहीं होगी.

पानी का पंप बंद कर दें 

जब हवा में नमी ज्यादा हो तो कूलर का पानी वाला पंप बंद कर केवल फैन का इस्तेमाल करें. इससे कमरे में नमी का स्तर ठीक रहता है और चिपचिपाहट या उमस महसूस नहीं होती. यह तरीका खासतौर पर मानसून के दिनों में काफी कारगर साबित होता है.

पंखा साथ चलाएं 

बरसात के मौसम में अक्सर लोग केवल कूलर या केवल पंखा चलाते हैं लेकिन ये सही नहीं है. इस मौसम में सिर्फ कूलर चलाने से कमरे में हवा का प्रवाह कम हो जाता है और नमी बढ़ने लगती है. इसलिए बेहतर है कि कूलर के साथ-साथ पंखा भी चलाएं. इससे हवा का संचार बना रहता है और कमरे में जमा हुई उमस भी कम होती है. यदि आपके रूम में एग्जॉस्ट फैन लगा हुआ है तो उसे भी चला दें क्योंकि यह कमरे के अंदर मौजूद नमी को बाहर निकाल देता है.

Cooler चलाते ही हो रही चिपचिपी गर्मी? कमरे से दूम दबाकर भागेगा उमस, बस रख दें यह सफेद पाउडर

Cooler Hacks : कूलर से भी आएगी एसी जैसी ठंडी हवा, बस कर लें ये उपाय, फिर कमरा हो जाएगा कूल-कूल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >