बेंगलुरु के टेक एक्सपर्ट ने बनाया AI-पावर्ड फैन, सोने की पोजिशन देखकर खुद एडजस्ट होती है स्पीड

बेंगलुरु के एक इंजीनियर ने कमाल का जुगाड़ किया है. उन्होंने ऐसा AI-पावर्ड पंखा बनाया है जो उसकी सोने की पोजिशन खुद पढ़ लेता है और उसी हिसाब से अपनी स्पीड अपने-आप एडजस्ट कर लेता है. आइए आपको बताते हैं आखिर ये पंखा काम कैसे करता है.

AI का नाम सुनते ही आमतौर पर हमारे दिमाग में बड़ी कंपनियां, जटिल टूल्स और हाई-एंड मशीनें आती हैं. लेकिन कभी-कभी सबसे ज्यादा चर्चा में आने वाली AI कहानी किसी आम बेडरूम से भी निकल सकती है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बेंगलुरु में रहने वाले एक टेक के शौकीन ने अपने सीलिंग फैन को इतना स्मार्ट बना दिया कि अब वो समझ जाता है कि वो कैसे सोता है. 

ये किसी लग्जरी का मामला नहीं है. इसकी शुरुआत एक ऐसी नींद की समस्या से हुई, जिससे कई लोग चुपचाप जूझते हैं. हां वही समस्या जब रात के बीच में कभी ज्यादा गर्मी तो कभी ज्यादा ठंड लगने लगती है. बार-बार उठकर फैन की स्पीड बदलने की झंझट से बचने के लिए इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोचा, क्यों न ये काम टेक्नोलॉजी को ही सौंप दिया जाए. आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं.

पंकज ने बनाया AI-पावर्ड फैन

इस इनोवेशन के पीछे एक छोटी-सी लेकिन रोज की परेशानी थी. इस आइडिया के पीछे पंकज हैं, जिन्होंने अपना प्रोजेक्ट X पर शेयर किया. X पर वे @the2ndfloorguy के नाम से जाने जाते हैं. उन्होंने अपने इस सेटअप को AI-पावर्ड ‘रूममेट’ बताया. ये उनके सोते समय पंखे को अपने आप संभाल लेता है.

अपने पोस्ट में पंकज ने वजह भी बड़े आसान शब्दों में समझाई. उनका कहना था कि वे बार-बार रात के 3 बजे या तो पसीने में भीगकर उठ जाते थे या फिर ठंड से कांपते हुए. इसी झुंझलाहट ने उन्हें ऐसा सिस्टम बनाने के लिए प्रेरित किया, जो उनकी सोने की पोजिशन समझे और उसी हिसाब से पंखे की स्पीड अपने आप एडजस्ट कर दे.

कैसे काम करता है AI-पावर्ड फैन?

AI से चलने वाला यह फैन असल में बहुत आसान आइडिया पर काम करता है. जैसे ही सिस्टम देखता है कि उसके हाथ या पैर कंबल के बाहर हैं, वह समझ जाता है कि उसे गर्मी लग रही है और फैन अपने आप ऑन हो जाता है. वहीं अगर उसके हाथ मुड़े हुए दिखते हैं, यानी उसे ठंड लग रही है, तो फैन खुद-ब-खुद ऑफ हो जाता है.

फैन को सच में ऑन-ऑफ करने के लिए उसने एक रिमोट बटन-पुशर डिवाइस लगाई है. सिस्टम से कमांड मिलते ही यह डिवाइस फैन के स्विच को दबा देती है. टेक्निकल हिस्से में उसने अपने Raspberry Pi होम सर्वर पर MediaPipe का पोज विजन मॉडल चलाया हुआ है. यह मॉडल उसके सोते समय शरीर के अलग-अलग जॉइंट्स को रियल टाइम में ट्रैक करता है. जैसे ही कोई खास पोस्चर डिटेक्ट होता है, सिस्टम फैन को कंट्रोल करने के लिए सिग्नल भेज देता है.

उसने जो इमेज शेयर की है, उसमें बेडरूम सेटअप काफी सिंपल दिखता है. कैमरा ओवरले शरीर के जॉइंट्स को मार्क कर रहा है और एक लेबल ‘FAN_ON ratio=2.32’ भी दिख रहा है. इससे पता चलता है कि सिस्टम कैसे तय करता है कि फैन ऑन होना चाहिए या नहीं.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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