Bizarre: डिजिटल इंडिया में भिखारी ने गले में लटकाया QR कोड, अब छुट्टे का बहाना नहीं कर पाएंगे आप

Beggar with QR Code: वायरल वीडियो में आप देखेंगे कि दृष्टिहीन शख्स ने लोगों से पैसे मांगने के लिए अपने गले में क्यूआर कोड लटका रखा है. यह वीडियो असम के गुवाहाटी का बताया जा रहा है.

Beggar with QR Code: डिजिटल इंडिया में शॉपिंग से लेकर पेमेंट तक सब कुछ ऑनलाइन हो गया है. अगर सावधानी बरतें तो यह काफी सुविधाजनक भी है. यही वजह है कि लोग तेजी से डिजिटल होते जा रहे हैं. लेकिन हद तो तब हो जाएगी जब आपको भिखारी भी गले में क्यूआर कोड लटकाये नजर आयेंगे. ऐसा ही एक वीडियाे सोशल मीडिया में वायरल हो रही है.

गले में क्यूआर कोड लटकाकर घूम रहा भिखारी

सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि दृष्टिहीन शख्स ने लोगों से पैसे की मदद मांगने के लिए फोनपे क्यूआर कोड अपने गले में लटका रखा है. यह वीडियो भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य असम के गुवाहाटी शहर का बताया जाता है. सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है और लोग इस पर एक से बढ़कर एक कमेंट भी कर रहे हैं.

Beggar with QR Code

छुट्टे का बहाना नहीं बना पाएगा कोई

हमारे देश में अब करीब-करीब हर जगह पर डिजिटल पेमेंट स्वीकार किया जाता है. ऐसे में नाई की दुकान से लेकर सब्जी-तरकारी की दुकान तक, और अब तो भिखारी भी क्यूआर कोड अपनाने लगे हैं. इसका फायदा यह है कि लोग छुट्टे का बहाना बनाकर चलता न कर दें. वायरल वीडियो पर दिव्यांग भिखारी की अलग सोच की लोग तारीफ करते थक नहीं रहे हैं.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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