बरसात में रगड़ कर AC चलाने से पहले हो जाएं सावधान, वरना सेहत के साथ मशीन को भी हो सकता है नुकसान

AC Mistakes in Monsoon: मॉनसून के दौरान एसी का इस्तेमाल गर्मी की तुलना में काफी अलग होता है. अगर सावधानी न बरती जाए तो इससे कई अनचाही परेशानियां हो सकती हैं जैसे बिजली बिल का बढ़ना, सांस लेने में दिक्कत, फंगस पैदा होना और एसी यूनिट को नुकसान पहुंचना.

AC Mistakes in Monsoon: भारत के कई इलाकों में मॉनसून ने दस्तक दे दी है. लाखों लोग घर के भीतर ठंडक और उमस को दूर रखने के लिए एयर कंडीशनर का सहारा लेते हैं. हालांकि, बरसात के मौसम में एसी का उपयोग करने का तरीका सामान्य दिनों से थोड़ा अलग होता है. तेज बारिश के दौरान एसी के इस्तेमाल से जुड़े कई खतरे होते हैं जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है.

भारत में मॉनसून के समय हवा में नमी काफी बढ़ जाती है और अगर एसी को इन परिस्थितियों के अनुसार ठीक से नहीं चलाया गया तो इससे कई दिक्कतें हो सकती हैं. आज हम आपको कुछ ऐसी समस्याओं के बारे में बताने जा रहें जिन्हें आप बरसात के मौसम में AC चालने से पहले ध्यान में रख सकते हैं. अगर आप भी मानसून में एयर कंडीशनर चला रहे हैं तो इन पांच जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

Dry Mode का इस्तेमाल करें

मानसून के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है. इस अतिरिक्त नमी को हटाने के लिए एसी को अधिक मेहनत करनी पड़ती है जिससे AC पर लोड बढ़ जाता है. ऐसे में “Dry Mode” का उपयोग करना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है क्योंकि यह नमी को कम करता है और कमरे को जरूरत से ज्यादा ठंडक नहीं होने देता है.

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AC के अंदर पनप सकती है फंगस

अधिक नमी के कारण एसी के फिल्टर और डक्ट में पानी जमा हो सकता है. यदि इन्हें नियमित रूप से साफ न किया जाए तो इनमें फंगस और दुर्गंध पैदा हो सकती है जिससे खांसी, छींक और सांस से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. एयर क्वालिटी को बेहतर बनाए रखने और एसी को हर 10 से 15 दिनों में फिल्टर की सफाई जरूर कर लें.

बारिश के कारण बाहरी यूनिट पर दबाव 

बारिश का असर स्प्लिट एसी की बाहरी यूनिट पर पड़ सकता है खासकर जब वह खुले में लगी हो. बारिश का पानी, कीचड़ और जाम नालियों की वजह से यूनिट में जंग लगने या उसके पुर्जों के खराब होने का खतरा रहता है. ऐसे में अगर आपकी आउटडोर यूनिट खुले स्थान पर है तो उसे किसी छायादार या ढके हुए स्थान पर रखें और तेज बारिश के बाद उसकी अच्छी तरह जांच करना न भूलें.

वोल्टेज स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करें

मानसून के दौरान बिजली की कटौती और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव एक आम समस्या है. ऐसे में यदि AC को वोल्टेज स्टेबलाइजर या सर्ज प्रोटेक्टर से नहीं जोड़ा गया है तो अचानक बिजली आने-जाने से उसके मेंन पार्ट्स खराब हो सकते हैं. इसलिए एसी की सुरक्षा और उसकी लंबी उम्र के लिए वोल्टेज स्टेबलाइजर का उपयोग करना जरूरी है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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