40% स्मार्टफोन पर मंडरा रहा साइबर अटैक का खतरा, गूगल ने दी चेतावनी

गूगल रिपोर्ट के अनुसार 40% एंड्रॉयड स्मार्टफोन पुराने वर्जन पर चल रहे हैं और हैकिंग के खतरे में हैं. जानें कौन से वर्जन सुरक्षित हैं और गूगल ने क्या सलाह दी है.

गूगल की ताजा रिपोर्ट ने दुनिया भर के एंड्रॉयड यूजर्स को हिला दिया है. कंपनी ने चेतावनी दी है कि करीब 40 प्रतिशत स्मार्टफोन (लगभग 1 अरब डिवाइस) साइबर हमलों के निशाने पर हैं. वजह है- पुराने एंड्रॉयड वर्जन (Android 13 या उससे पहले) जिन पर अब सुरक्षा अपडेट नहीं मिल रहे.

पुराना सिस्टम बना हैकर्स का हथियार

स्मार्टफोन कंपनियां आमतौर पर 3 से 5 साल तक ही सिक्योरिटी पैच देती हैं. उसके बाद सॉफ्टवेयर की खामियां खुली रह जाती हैं. यही कमजोरियां हैकर्स के लिए दरवाजा बन जाती हैं, जिससे वे आसानी से मैलवेयर या स्पायवेयर इंस्टॉल कर डेटा चुरा सकते हैं.

कौन से वर्जन पर कितने यूजर्स?

नये आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ 7.5% स्मार्टफोन Android 16 पर चल रहे हैं. वहीं 19.3% Android 15, 17.9% Android 14 और 13.9% Android 13 पर हैं. यानी बड़ी संख्या में लोग पुराने वर्जन पर अटके हुए हैं और उन्हें समय पर सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिल रहे.

कितने फोन सुरक्षित, कितने असुरक्षित?

रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल 58% स्मार्टफोन सिक्योरिटी सपोर्ट विंडो में हैं. लेकिन 40% डिवाइस अब अपडेट नहीं पा रहे. इसका मतलब है कि करोड़ों यूजर्स का डेटा हैकर्स के लिए आसान शिकार बन सकता है.

गूगल की सलाह: तुरंत उठाएं कदम

गूगल ने साफ कहा है कि एंड्रॉयड यूजर्स को तुरंत अपने फोन को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करना चाहिए. थर्ड-पार्टी ऐप्स से बचें और सिक्योरिटी पैच नियमित रूप से इंस्टॉल करें. अगर आपका फोन अब अपडेट नहीं पा रहा है, तो नया हैंडसेट लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है.

एंड्रॉयड बनाम आईफोन: कौन ज्यादा सुरक्षित?

रिपोर्ट में बताया गया है कि आईफोन यूजर्स को लंबे समय तक iOS और सिक्योरिटी अपडेट मिलते हैं. जबकि कई एंड्रॉयड कंपनियां 4-5 साल बाद सपोर्ट बंद कर देती हैं. हालांकि गूगल ने अपने पिक्सल डिवाइस के लिए 7 साल तक अपडेट देने का वादा किया है, जिससे एंड्रॉयड इकोसिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है.

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Published by: Rajeev Kumar

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