शादी के 18 साल बाद AI ने दी मां बनने की खुशी, पूरा मामला जान भर आएंगी आंखें

AI Pregnant Job: हर क्षेत्र में अपना कमाल दिखाने वाले AI ने अब एक और कमाल कर दिया है. AI की मदद से एक खास टेक्निक की खोज की गई है. जिससे एक शादीशुदा कपल 18 साल बाद माता-पिता बनने वाले हैं. कोलंबिया यूनिवर्सिटी फर्टिलिटी सेंटर के डॉक्टरों ने AI की मदद से ऐसा चमत्कार किया है, जिससे महिला प्रेग्नेंट हुई है और दिसंबर में अपने बच्चे को जन्म देगी.

AI Pregnant Job: AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से आज हर काम निपटायें जा रहे हैं. मुश्किल से मुश्किल सवाल का जवाब ढूंढना हो या फिर पढ़ाई से लेकर नौकरी तक हर जगह AI अपना कमाल दिखा रहा है. ऐसे में एक बार फिर AI ने ऐसा कमाल कर दिया है, जिससे उसकी चर्चा हर ओर हो रही है. दरअसल, 18 साल से एक शादीशुदा कपल के माता-पिता बनने के सपने को AI ने पूरा कर दिया है. जी हां, ये शादीशुदा कपल AI की मदद से 18 साल बाद माता-पिता बनने जा रहे हैं. AI ने उन शुक्राणुओं खोज निकाला है, जिसे पारंपरिक तकनीकें खोजने में असफल रही.

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क्या है ये पूरा मामला?

हाल ही में कोलंबिया यूनिवर्सिटी फर्टिलिटी सेंटर के डॉक्टरों ने AI टेक्नोलॉजी की मदद से ऐसा चमत्कार किया है, जिससे एक शादीशुदा कपल 18 साल बाद माता-पिता बनने वाले हैं. इस चमत्कारी टेक्निक का नाम STAR (Sperm Tracking and Recovery) है. दरअसल, एक शादीशुदा कपल लगभग 18 साल से बच्चे के लिए कोशिश कर रहा था. लेकिन उन्हें हर बार निराशा हाथ लग रही थी. कपल ने करीब 15 बार IVF का भी सहारा लिया. लेकिन हर बार यह भी नाकाम रहा. हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी. कपल ने एक टेस्ट में भाग लिया, जिसमें AI टेक्निक ‘STAR’ (Sperm Tracking and Recovery) का इस्तेमाल किया गया. जिसकी मदद से आज महिला प्रेग्नेंट है और दिसंबर तक बच्चे को जन्म दे सकती है.

क्या है STAR टेक्निक

AI टेक्निक से खोज की गई STAR यानी (Sperm Tracking and Recovery) एक चमत्कारी तकनीक है, जिसे न्यूयॉर्क के कोलंबिया यूनिवर्सिटी फर्टिलिटी सेंटर के डॉक्टरों ने डेवलप किया है. STAR तकनीक बांझपन से जूझ रहे कपल्स के लिए एक नई उम्मीद बन कर आई है. यह टेक्निक खासकर उन पुरुषों के लिए वरदान है, जो एजोस्पर्मिया (Azoospermia) से पीड़ित हैं. यानी कि ऐसे पुरुष जिनके वीर्य (Semen) में कोई शुक्राणु (Sperm)नहीं होता और ये बात तो सभी जानते हैं कि बिना स्पर्मस के संतान की कल्पना असंभव है.

निकले गए जीवित स्पर्मस

वहीं, इस खास तकनीक को लेकर कोलंबिया सेंटर के डायरेक्टर डॉ. ज़ेव विलियम्स ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि, “हम ब्रह्मांड (Universe) में जीवन खोजने वाली टेक्निक का इस्तेमाल अब धरती पर जीवन रचने के लिए कर रहे हैं.” उन्होंने बताया कि इस टेक्नोलॉजी की मदद से हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग से एक सीमन सैंपल की 8 मिलियन फ्रेम्स को एक घंटे से कम समय में स्कैन किया गया. AI तकनीक ने इनमें से तीन जीवित शुक्राणु (Sperm) खोज निकाले, जो पारंपरिक तरीके जैसे माइक्रोस्कोप और टेस्ट्स से नहीं दिख रहे थे.

दिसंबर में संतान को जन्म देगी महिला

बता दें कि, AI टेक्निक से खोजे गए इन स्पर्मस को एक माइक्रो-रोबोट के जरिए बेहद सावधानी और कोमलता से निकाला गया, ताकि स्पर्मस की गुणवत्ता बनी रही. इसके बाद स्पर्मस को IVF प्रोसेस द्वारा महिला के अंडाणुओं से मिलाया गया. जिसके बाद महिला को मां बनने का सुख प्राप्त हुआ और आज वह 5 महीने प्रेग्नेंट है. महिला दिसंबर में अपने बच्चे को जन्म दे सकती है. फिलहाल ये नई STAR तकनीक अभी सिर्फ कोलंबिया यूनिवर्सिटी में ही मौजूद है. इस तकनीक की कुल लागत कि बात करें तो इसमें 3,000 डॉलर यानी की लगभग 2.5 लाख रुपये है.

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By Shivani shah

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अपने करियर की शुरुआत शिवानी शाह ने झारखंड के डिजिटल न्यूज पोर्टल Lagatar.com से की, जहां करीब एक साल तक उन्होंने काम किया. इसके बाद जयपुर में पढ़ाई के दौरान Hamara Samachar यूट्यूब चैनल में वह न्यूज एंकर रहीं. मास्टर्स पूरी करने के बाद उन्होंने झारखंड डिजिटल न्यूज पोर्टल The News Post में करीब एक साल तक काम किया. इन संस्थानों में काम करने के दौरान उन्होंने लोगों तक सही, भरोसेमंद और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाने का अनुभव हासिल किया.

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