रेस्त्रां में डिश सेलेक्ट करने से लेकर गिफ्ट चुनने तक, AI का छोटे फैसलों में भी बढ़ गया इस्तेमाल

AI Impact Decision: भारत में अब रेस्तरां में ऑर्डर, उपहार चयन, फैशन विकल्प तक में लोग AI टूल्स जैसे Google व ChatGPT की मदद ले रहे हैं. यह ट्रेंड तेज, स्मार्ट निर्णय में सहायक बन रहा है.

AI Impact Decision: इंडिया ओवरथिंकिंग रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अब रोजमर्रा के साधारण निर्णयों में भी Google और ChatGPT जैसे AI टूल्स की मदद ले रहे हैं. यह ट्रेंड मानसिक स्पष्टता और तेजी से निर्णय लेने में योगदान दे रहा है.

एक हालिया सर्वेक्षण ‘इंडिया ओवरथिंकिंग रिपोर्ट’ के अनुसार, भारतीय अब केवल बड़े निर्णय ही नहीं बल्कि रेस्तरां में व्यंजन चुनने या किसी को उपहार देने जैसे छोटे-छोटे फैसलों में भी  एआई  टूल्स का सहारा ले रहे हैं.

AI की डेली लाइफ में एंट्री

आज के समय में लोग Google और ChatGPT जैसे टूल्स की मदद से यह तय करते हैं कि क्या पहनें या अपने सोशल मीडिया पोस्ट के लिए कौन-सा कैप्शन उपयुक्त रहेगा. ये टूल्स अब केवल जटिल समस्याओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि रोजमर्रा के छोटे निर्णयों में भी उपयोग में लाये जा रहे हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, तीन में से एक व्यक्ति अब ऐसे छोटे फैसलों में नियमित रूप से AI और डिजिटल टूल्स का सहारा लेता है.

फैसले लेने में AI की भूमिका

विशेष रूप से Gen Z और मिलेनियल्स की पीढ़ी AI को एक सहायक मित्र की तरह देख रही है. फैशन चयन, व्हाट्सऐप मैसेजिंग, या इंस्टाग्राम स्टोरी जैसी डेली एक्टिविटीज में टेक्नोलॉजी उनका मार्गदर्शन कर रही है. यह ट्रेंड इस बात को दर्शाता है कि AI अब एक लाइफस्टाइल टूल बनता जा रहा है.

मेंटल क्लैरिटी भी ठीक-ठाक

AI टूल्स फैसले लेने के प्रॉसेस को आसान बना रहे हैं. ये विकल्पों को स्पष्ट करते हैं, जिससे समय की बचत होती है और निर्णय में देरी नहीं होती. साथ ही आत्म-संदेह या दुविधा जैसी मानसिक बाधाओं से भी छुटकारा मिलता है. युवाओं के लिए ये टूल्स डिजिटल गाइड की तरह काम करते हैं, जो न केवल तनाव कम करने में मदद करते हैं बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर बनाते हैं.

AI Use Caution: मशीन बन रही टीनएजर्स की बातों की हमराज, यहां खतरा बड़ा है

GenAI से बदल रही साइबर सुरक्षा की दुनिया, भारत में शुरू हो रही नयी क्रांति

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >