9 To 5 Job Dying: क्या खत्म हो जाएगा नौकरियों का वजूद? LinkedIn के को-फाउंडर ने कर दी ऐसी भविष्यवाणी

9 To 5 Job Dying: रीड हॉफमैन ने हाल ही में जारी एक वीडियो क्लिप में बताया कि एआई की बढ़ती शक्ति और तकनीक के तेजी से बदलते स्वरूप की वजह से कंपनियों को नये ढंग से सोचने की दरकार होगी.

9 To 5 Job Dying: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के आने से नौकरियों पर संकट बढ़ रहा है. दुनिया के कोने-कोने से ऐसी आवाजें उठ रही हैं. वैज्ञानिक और विद्वान लोगों का वर्ग इसे लेकर चिंता जता रहे हैं. इसी बीच प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लैटफॉर्म लिंक्डइन के को-फाउंडर रीड हॉफमैन ने भविष्यवाणी की है कि साल 2034 तक 9 टू 5 जॉब्स खात्म हो जाएंगे.

AI से बदल जाएंगे फ्यूचर जॉब्स

रीड हॉफमैन ने हाल ही में जारी एक वीडियो क्लिप में बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आज के कार्यबल में जबरदस्त तरीके से बदलाव ला रहा है और पारंपरिक नौकरी की व्यवस्थाओं को एक तरह से खत्म कर रहा है. हॉफमैन ने आगे कहा, एआई की बढ़ती शक्ति और तकनीक के तेजी से बदलते स्वरूप की वजह से कंपनियों को नये ढंग से सोचने की दरकार होगी. रीड हॉफमैन के इस दावे ने इंटरनेट की दुनिया में भूचाल मचा दिया है.

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रीड हॉफमैन के इंटरव्यू की एक क्लिप सोशल मीडिया में वायरल

भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और निवेशक नील तपारिया ने रीड हॉफमैन के इंटरव्यू की एक क्लिप सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर शेयर की है. इसके साथ अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा- आपकी 9 से 5 की नौकरी खत्म हो रही है. 2034 तक यह विलुप्त हो जाएगी. वीडियो में बताया गया है कि एआई के प्रभाव से काम के घंटों और कर्मचारियों की भूमिका में बदलाव आयेगा. सोशल मीडिया हॉफमैन की इस भविष्यवाणी पर जबरदस्त तरीके से रिएक्ट कर रहा है. जहां कुछ लोग इसे भविष्य की सच्चाई बता रहे हैं, तो वहीं कुछ यूजर्स इसे एक संभावना ही मान रहे हैं.

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By Rajeev kumar

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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