अगर स्मार्टफोन के जरिये डिजिटल भुगतान करने में दिक्कत होती हैं, तो आपकी आवाज पहचानेगा भीम ऐप

यदि आपको स्मार्टफोन के जरिये डिजिटल भुगतान करने में दिक्कत महूसस होती हो, तो आने वाले दिनों में महज दो शब्द बोलकर ही ऐसा कर पायेंगे. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने तकनीकी दिक्कतों के चलते कैशलेस लेन-देन से वंचित लोगों या इससे दूरी बनाने वालों की मुश्किल का आसान समाधान तलाशा है. इसके लिए […]

यदि आपको स्मार्टफोन के जरिये डिजिटल भुगतान करने में दिक्कत महूसस होती हो, तो आने वाले दिनों में महज दो शब्द बोलकर ही ऐसा कर पायेंगे. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने तकनीकी दिक्कतों के चलते कैशलेस लेन-देन से वंचित लोगों या इससे दूरी बनाने वालों की मुश्किल का आसान समाधान तलाशा है.
इसके लिए ध्वनि आधारित एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) भुगतान शुरू करने की तैयारी है. एनपीसीआई ने इसका परीक्षण भी किया है. इसमें तीन कंपनियां- फोनपे, टोनेटैग और अल्ट्राकैश भी सहयोग कर रही हैं. प्रारंभिक परीक्षण में कुछ निजी बैंक भी अपने स्वतंत्र मोबाइल वॉलेट उत्पादों के साथ इसमें शामिल हुए हैं.
एनपीसीआई के एक अधिकारी के मुताबिक, आवाज से भुगतान ज्यादा सुरक्षित व्यवस्था है, क्योंकि आवाज की प्रकृति में कोई भी बदलाव होने पर किसी भी सूरत में भुगतान संभव नहीं है, जबकि अन्य में डिवाइस या कार्ड खोने पर जोखिम रहता है. महज एक सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिये इस सिस्टम को प्रभावी बनाया जा सकता है.

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