कोलकाता, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच हुमायूं कबीर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. इसकी वजह है उनकी नई पार्टी नई पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के साथ चुनावी समर में उतरे हुमायूं कबीर अपने दोनों सीटों से चल रहे हैं. उन्होंने अपने दोनों ही सीटों पर बीजेपी प्रत्याशी को पीछे छोड़ बड़ी बढ़त बनाई है.
अपने दोनों सीटों से आगे चल रहे AJUP के अध्यक्ष
ताजा रुझानों के अनुसार, AJUP के अध्यक्ष हुमायूं कबीर रेजीनगर और नौदा दोनों विधानसभा सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. नौदा में उन्होंने 19 हजार से अधिक वोटों से बढ़त बनाई है तो वहीं रेजीनगर में वे 37 हजार से ज्यादा अंतर से आगे हैं. हालांकि ये किसी वक्त पर टीएमसी का मजबूत जनाधार वाला इलाका हुआ करता था, जहां हुमायूं कबीर ने जबरदस्त सेंधमारी की है.
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ममता बनर्जी पर लगाया था बड़ा आरोप
हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP ने 142 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन 27 उम्मीदवारों ने चुनावों से ठीक पहले अपना नामांकन वापस ले लिया था. जिसके बाद उन्होंने टीएमसी सुप्रीमो पर बड़ा आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि टीएमसी ने डर और प्रलोभन का इस्तेमाल देकर उनके सैनिकों को चुनावी मैदान से हटने पर मजबूर किया ताकि उन्हें फायदा मिल सके. अंत में उसकी पार्टी के 115 प्रत्याशियों ने ही चुनाव लड़ा.
ओवैसी से दूरी और ‘एकला चलो’ की रणनीति
गौरतलब है कि चुनाव से ठीक पहले ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के साथ उनका गठबंधन टूट गया था. दरअसल हुआ ये कि पहले चरण की वोटिंग से कुछ दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एक कथित स्टिंग वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में दावा किया गया था कि हुमायूं कबीर भाजपा के बड़े नेताओं के साथ 1,000 करोड़ रुपये की डील की बात कर रहे हैं. आरोप था कि यह डील अल्पसंख्यक वोटों को बांटकर भाजपा की मदद करने के लिए की गई थी. इसके बाद बाद ओवैसी की पार्टी ने तुरंत कार्रवाई की करते हुए बयान जारी कर कहा कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति या बयान से खुद को नहीं जोड़ सकते जो मुसलमानों की गरिमा और ईमानदारी पर सवाल खड़ा करबंगाल चुनाव परिणाम 2026: भाजपा के इन 192 उम्मीदवारों ने बनायी बढ़त, सिलीगुड़ी में शंकर घोष सबसे बड़े अंतर से जीत की ओर ता हो. इसके बाद उन्होंने न केवल गठबंधन तोड़ा, बल्कि बंगाल में हुमायूं कबीर के साथ होने वाली अपनी सभी रैलियों और चुनावी दौरों को भी रद्द कर दिया. पार्टी ने घोषणा की कि वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे. हालांकि, हुमायूं कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इस वीडियो को ‘फेक’ और AI द्वारा निर्मित बताया था. उन्होंने इसे टीएमसी की साजिश करार देते हुए कोर्ट जाने की बात भी कही थी.
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