एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष व भाजपा नेताओं के खिलाफ निर्वाचन आयोग के समक्ष तृणमूल ने की शिकायत

तृणमूल ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की चेयरपर्सन रेखा शर्मा एवं पियाली दास सहित भाजपा के अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर शिकायत की है

कोलकाता. संदेशखाली स्टिंग ऑपरेशन के कथित वीडियो वायरल होने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस, भाजपा पर लगातार हमला बोल रही है. तृणमूल ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की चेयरपर्सन रेखा शर्मा एवं पियाली दास सहित भाजपा के अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर शिकायत की है. तृणमूल ने पत्र में आरोप लगाया है कि भाजपा नेताओं ने एनसीडब्ल्यू के सदस्यों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची है. यह पत्र राज्यसभा सदस्य व तृणमूल के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने लिखा है. उन्होंने पत्र में लिखा है,“ संदेशखाली की एक महिला का साक्षात्कार 10 मई को ”एक्स” मंच पर शेयर किया गया था. इससे पता चलता है कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा, पियाली दास सहित भाजपा नेताओं व सदस्यों ने मिलकर राजनीतिक लाभ के लिए संदेशखाली की निर्दोष महिलाओं का शोषण करके जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर अपराध किये हैं.” तृणमूल पहले ही ऐसे आरोपों को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष भाजपा और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुकी है. हाल ही में सोशल मीडिया में सामने आये एक वीडियो में कथित तौर पर खुद को संदेशखाली के भाजपा नेता गंगाधर कयाल बताने वाले शख्स यह कहते दिखते हैं कि भाजपा ने यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाने के लिए संदेशखाली की महिलाओं को पैसे दिये थे. हालांकि प्रभात खबर उक्त वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. इस मामले को लेकर राज्य की उद्योग मंत्री व तृणमूल प्रवक्ता डॉ शशि पांजा ने यह भी आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष भी संदेशखाली में भाजपा की साजिश में शामिल थीं और उन्होंने पहले ही स्पष्ट किया था कि तृणमूल शर्मा के खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज करायेगी. गौरतलब है कि एनसीडब्ल्यू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संदेशखाली में महिलाओं पर कथित हिंसा और अत्याचार को लेकर अवगत कराया था. तृणमूल के प्रवक्ता रिजु दत्ता ने आरोप लगाया है कि “संदेशखाली पर भाजपा की फर्जी कहानी का सच सामने आ रहा है. पिछले कुछ दिनों में संदेशखाली महिलाओं के कई कथित वीडियो सामने आये हैं और तृणमूल द्वारा साझा किये गये हैं. इधर, भाजपा के राज्य प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि तृणमूल चुनाव से पहले कहानी बदलने के लिए फर्जी वीडियो का इस्तेमाल कर रही है. तृणमूल को एनसीडब्ल्यू या संदेशखाली की महिलाओं की गरिमा का ख्याल नहीं है. वायरल वीडियो फर्जी हैं और इनसे छेड़छाड़ किये हैं. तृणमूल की ओर से कहा गया कि साक्षात्कार में संदेशखाली की एक महिला ने आरोप लगाया कि शर्मा और भाजपा नेता दास ने धमकी देकर उसे बिना उद्देश्य जाने एक कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया था. बाद में जब पुलिस ने उसे (महिला को) नोटिस जारी किया, तो उसे पता चला कि उसे एक दुष्कर्म के मामले में वास्तविक शिकायतकर्ता बनाया गया है. उसे एहसास हुआ कि उसके हस्ताक्षर का इस्तेमाल उसकी सहमति के बिना दुष्कर्म की झूठी शिकायत दर्ज करने के लिए किया गया था.’’ तृणमूल ने आयोग के समक्ष की गयी शिकायत में कहा कि झूठी शिकायत दर्ज करने के लिए दबाव डालकर कोरे कागज पर हस्ताक्षर प्राप्त करने का कृत्य न केवल कानून और सत्ता का दुरुपयोग है, बल्कि जालसाजी, धोखाधड़ी, ठगी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश जैसे अपराधों की श्रेणी में भी आता है. इसमें कहा गया है कि राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं का शोषण एक निंदनीय कृत्य है जो उनके अधिकारों और गरिमा को कमजोर करता है.

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