चेयरमैन व पार्षद के बीच विवाद से बढ़ी तनातनी
प्रतिनिधि, हुगली
बांसबेड़िया नगरपालिका में धरना-प्रदर्शन के कारण तनावपूर्ण स्थिति हो गयी. पालिका चेयरमैन आदित्य नियोगी को उनके कक्ष में लगभग 10 घंटे तक रोक कर रखा गया. यह विरोध प्रदर्शन पालिका के वार्ड नंबर सात के पार्षद अमित घोष और उनके सहयोगियों द्वारा किया गया. घटना की शुरुआत दोपहर में हुई, जब अमित घोष अपने सहयोगियों के साथ चेयरमैन के कक्ष में धरना देने लगे. इस बीच, नगरपालिका के सामने मगरा थाना प्रभारी सुमन कुंडू, बांसबेड़िया मिल फांड़ी के इंचार्ज सुजीत राय सहित अन्य पुलिसकर्मी तैनात रहे और स्थिति पर नजर बनाये रखी, ताकि प्रदर्शन उग्र रूप न ले सके.
आखिरकार, स्थानीय विधायक तपन दासगुप्ता और हुगली श्रीरामपुर तृणमूल सांगठनिक जिला अध्यक्ष अरिंदम गुईंन के हस्तक्षेप से रात 10 बजे धरना समाप्त हुआ. अमित घोष ने बताया कि जिला अध्यक्ष और विधायक ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए समय मांगा है. जिलाध्यक्ष ने 12 दिनों का समय लिया है और आने वाले दिनों में हम एक टीम के रूप में काम करेंगे. अमित घोष का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से उन्हें नागरिक सेवाएं प्रदान करने नहीं दी गयीं, जिसके कारण उनके वार्ड के लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि नागरिक सेवाओं की कमी के कारण लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के आदेश पर वह पार्षद पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं. दूसरी ओर, वार्ड के तृणमूल अध्यक्ष अरुण बोस ने अमित घोष पर नाटक करने का आरोप लगाया है. बोस का कहना है कि नागरिकों को सेवाएं प्रदान की गयी हैं. अमित घोष ने भाजपा का समर्थन किया है, जिसके कारण वार्ड में हार हुई है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
