संवाददाता, कोलकाता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर घाटाल मास्टर प्लान को लेकर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि इस परियोजना को अब खुद राज्य सरकार अपने हाथ में लेगी. राज्य में भूमि कटाव नियंत्रण और बाढ़ की रोकथाम से संबंधित एक प्रस्ताव पर विधानसभा में मुख्यमंत्री ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से लगातार अनुरोध के बावजूद केंद्र ने कोई कदम नहीं उठाया. इसके बाद राज्य ने खुद अपने संसाधन से इसे लागू करने का फैसला किया है.
ममता ने कहा कि इसका डीपीआर तैयार हो गया है. जल्द ही इसका काम शुरू हो जायेगा. इस परियोजना के काम में दो-तीन वर्ष लगेंगे. ममता ने कहा कि इस मास्टर प्लान के लागू होने से पूर्व मेदिनीपुर सहित आसपास के जिलों में हर साल बाढ़ की समस्या से मुक्ति मिल जायेगी. ममता ने कहा कि इस परियोजना पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होंगे. मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव के दौरान इस परियोजना को लागू करने का वादा किया था.
इतना ही नहीं, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी कहा था कि राज्य सरकार 31 दिसंबर तक 1500 करोड़ की इस परियोजना का काम शुरू कर देगी. ममता ने आगे कहा कि गंगासागर जाने के रास्ते में मुड़ीगंगा नदी पर 1,000 करोड़ की लागत से पुल बनाया जायेगा. लोग इस पुल के माध्यम से गंगासागर तक पहुंच सकेंगे.
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