दखल से नाले में बदल गयी है सिंघारन नदी

नदी के किनारे फैक्टरी के लिए अतिक्रमण के खिलाफ इकड़ा गांव के लोगों ने किया प्रदर्शन, बोले

जामुड़िया. जामुड़िया में सिंघारन नदी के किनारे पर अवैध अतिक्रमण करके कारखाना बनाने के खिलाफ शनिवार को इकड़ा गांव के लोगों ने जम कर विरोध प्रदर्शन किया. उनकी शिकायत है कि इस औद्योगिक क्षेत्र में रैक इंटीग्रेटेड, सत्यम आयरन,सुपर स्मेल्टर्स,गगन फेरोटेक एवं श्याम सेल जैसे कारखाना प्रबंधन ने नदी के किनारे की जमीन अतिक्रमण कर रखी है. हर कारखाना प्रबंधन और मालिक की तरफ से ऐसी हरकतें की जा रही है. जिससे यहां पर लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक तो कारखाना से प्रदूषण हो रहा है, ऊपर से कारखाने के लिए नदी के किनारे अतिक्रमण किया जा रहा है. इससे अब यह नदी नाले में तब्दील हो गयी है. कहा कि जो प्रदूषण कारखाने की वजह से फैल रहा है, उससे भी लोगों को भारी दिक्कतें हो रही हैं. इस बारे में स्थानीय निवासी अक्षय बनर्जी ने कहा कि कारखाने की वजह से यहां के लोगों को भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं. सिंघारन नदी के किनारे अतिक्रमण कर एक नाले में तब्दील कर दिया गया है, जिस वजह से जब बारिश होती है तो इस नदी का पानी इकड़ा श्मशान में चला जाता है, जिससे वहां पर किसी व्यक्ति का अंतिम-संस्कार करना तक मुश्किल हो जाता है. श्मशान में बनाए गए तीन मंदिर भी पानी में डूब गये हैं. श्मशान में गंदगी का अंबार लग जाता है, जो की पानी के साथ बह कर आता है, और यह सब कुछ हो रहा है यहां के उन कारखानों की वजह से जो नदी के जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि नदी की जमीन के साथ कारखानों के लिए सरकारी रास्ते पर भी अतिक्रमण किया जा रहा है. आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (एडीडीए) के रास्ते पर कारखाना प्रबंधन ने गेट बना दिया है जिससे एडीडीए की जमीन कारखाना परिसर के अंदर चली गयी है. उन्होंने मान स्टील एंड पावर लिमिटेड नामक कंपनी पर इल्जाम लगाया कि उसने एडीडीए की कम से कम एक से डेढ़ किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है. सरकारी रास्ते पर गेट बना दिया है, जिसका वे लोग विरोध कर रहे हैं. भैरव चटर्जी ने भी कहा कि स्थानीय कारखाना द्वारा जिस तरह से नदी के किनारे अतिक्रमण किया जा रहा है उसे यहां के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है. उन्होंने कहा कि आज इकड़ा गांव के लोगों ने विभिन्न कारखाना प्रबंधन के अधिकारियों से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि अतिक्रमण ना करें , इससे लोगों को परेशानी हो रही है. अगर इसके बाद भी कारखानों की मनमानी जारी रही, तो यहां के लोग उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और आनेवाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जायेगा.

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