कोलकाता से शिवकुमार राउत की रिपोर्ट
उत्तर बंगाल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कई नयी परियोजनाओं की घोषणा की है. गुरुवार को विधानसभा में उत्तर बंगाल विकास विभाग के बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए हुए मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने बताया कि राज्य के सबसे ऊंचे पर्यटन स्थल सैंडकफू में 10 पर्यावरण अनुकूल कंटेनर होम बनाये जायेंगे. उत्तर बंगाल में पूर्वी हिमालय के संवेदनशील पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य यह किया जा रहा है.
उत्तर बंगाल में बनेंगे 100 आधुनिक पर्यटन सूचना केंद्र
दार्जिलिंग सहित पूरे उत्तर बंगाल में पर्यटन केंद्रों को बेहतर ढंग से विकसित किया जायेगा. पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार नार्थ बंगाल के आठ जिलों में 100 आधुनिक पर्यटन सूचना केंद्र बनाने जा रही है. उत्तर बंगाल विकास मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने सदन को बताया कि इन केंद्रों के माध्यम से पर्यटकों को पर्यटन स्थलों, वहां पहुंचने के साधनों और अन्य आवश्यक जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध करायी जायेंगी.
मुख्य बिंदू
- पर्यटकों को एक ही स्थान पर मिलेंगी सभी सुविधाएं : मंत्री
- पर्यटन सूचना केंद्रों में कैफेटेरिया और होमस्टे जैसी सभी सुविधाएं होंगी
- केंद्रों के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने का काम जारी
- उत्तर बंगाल विकास मंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी
प्रत्येक जिले में बनेंगे कम से कम आठ पर्यटन सूचना केंद्र
मंत्री ने कहा कि उत्तर बंगाल के प्रत्येक जिले में कम से कम आठ पर्यटन सूचना केंद्र बनाये जायेंगे. उन्होंने बताया कि इन केंद्रों के निर्माण के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का काम जारी है. बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि ज्यादातर पर्यटन सूचना केंद्र डुअर्स और जंगल वाले क्षेत्रों में बनाये जायेंगे, जहां सबसे अधिक पर्यटक पहुंचते हैं. मंत्री ने बताया डुआर्स के जंगलों में ऐसे स्थानों पर भी पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित किये जायेंगे, जहां लंबे मार्ग में होटल, रेस्तरां या अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इन केंद्रों से पर्यटकों को आवश्यक सहायता मिल सकेगी.
क्या क्या मिलेंगी सुविधाएं
प्रत्येक सूचना केंद्र के दो मंजिला भवनों के भूतल पर पर्यटन सूचना केंद्र, पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग आधुनिक शौचालय होंगे. वहीं, पहली मंजिल पर कैफेटेरिया तथा छत पर बैठने की व्यवस्था के साथ होमस्टे जैसी सभी सुविधाएं होंगी. यदि कोई पर्यटक जरुरी पड़ने पर रात्रि विश्राम के लिए वहां रुकना चाहें तो होमस्टे में इसकी व्यवस्था रहेगी. इन भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था और पर्यटकों के लिए होमस्टे की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेंगी.
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असम व उत्तर बंगाल की सीमा पर बनेंगे भव्य प्रवेश द्वार
मंत्री ने यह भी बताया कि चालू वित्त वर्ष में असम से उत्तर बंगाल प्रवेश करने के रास्ते में दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित बक्सीरहाट में एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण भी किया जायेगा. इस प्रवेश द्वार में बंगाल की संस्कृति और गौरव की झलक देखने को मिलेगी. मंत्री ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए 15 वर्षों तक उत्तर बंगाल की घोर उपेक्षा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नई सरकार के पहले बजट में उत्तर बंगाल विकास विभाग के लिए रिकार्ड 1,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
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