बाघ से गुलजार होगा बक्सा, बिहार के वाल्मीकि रिजर्व से 2 अक्टूबर को लायी जा सकती है बाघिन

Buxa Tiger Reserve Reintroduction Plan: उत्तर बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघों को फिर से बसाने की योजना का गांवों के लोगों ने समर्थन किया है. 2 अक्टूबर को बिहार के वाल्मीकि अभयारण्य से बाघिन को यहां लाये जाने की योजना है.

उत्तर बंगाल के प्रसिद्ध बक्सा बाघ अभयारण्य (Buxa Tiger Reserve) में बाघों को फिर से बसाने (Tiger Reintroduction Project) की योजना पर काम चल रहा है. योजना को जंगल में रहने वाले स्थानीय समुदायों ने अपना समर्थन देने की बात कही है. ‘स्नैप फाउंडेशन’ ने बक्सा अभयारण्य और पश्चिम बंगाल वन विभाग के सहयोग से एक सर्वे किया है, जिसके बाद यह सकारात्मक तस्वीर सामने आयी है. बिहार के वाल्मीकि बाघ अभयारण्य (Valmiki Tiger Reserve) से एक बाघिन को बक्सा लाने की अंतिम तैयारियों के बीच इस सर्वे रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है.

280 लोगों से बातचीत पर आधारित है सर्वे

सर्वेक्षण के दौरान अभयारण्य के आसपास के 70 से अधिक गांवों और 64 में से 56 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों (JFMC) के माध्यम से लगभग 280 लोगों से राय ली गयी. वन अधिकारियों ने बताया कि जंगल की सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों के एक वर्ग में अपनी सुरक्षा और जंगल से गुजरते समय मानव-बाघ संघर्ष (Human-Tiger Conflict) को लेकर आशंकाएं जरूर हैं.

केवल 14.3 प्रतिशत लोगों ने किया विरोध

सर्वेक्षण में शामिल केवल 14.3 प्रतिशत लोगों ने योजना का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपाय लागू होने के बावजूद वे इस परियोजना का विरोध करेंगे. हालांकि, सर्वे में शामिल सभी लोगों ने माना कि बक्सा में आने वाली पीढ़ियों के लिए बाघों का होना और उन्हें देखना बेहद महत्वपूर्ण है. ग्रामीणों ने जोर दिया कि बाघों को छोड़ने से पहले पर्याप्त सुरक्षा उपाय किये जाने चाहिए. उन्होंने जागरूकता अभियान चलाने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर भी बल दिया.

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बिहार की 10-12 बाघिनों की लिस्ट तैयार

पश्चिम बंगाल वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिहार वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) की टीम ने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में शुरुआती आकलन पूरा कर लिया है. बक्सा परियोजना के लिए 10-12 बाघिनों की एक प्रारंभिक सूची तैयार की गयी है. इनमें से एक बाघिन का चयन कर उसे 2 अक्टूबर (प्रस्तावित तिथि) को बक्सा बाघ अभयारण्य में छोड़े जाने की योजना है.

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‘प्रोजेक्ट टाइगर’ और ‘प्रोजेक्ट एलीफैंट’ के तहत केंद्र से मिलेंगे पैसे

इस परियोजना को वर्ष 2025-26 से वर्ष 2028-29 तक ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ और ‘प्रोजेक्ट एलीफैंट’ के तहत केंद्रीय सहायता मिल रही है. जून में जारी की गयी 32 करोड़ रुपए की पहली किस्त में से बक्सा अभयारण्य का हिस्सा लगभग 1 करोड़ रुपए है.

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