सिलीगुड़ी के विभिन्न स्कूलों में कई परीक्षा केन्द्र बनाये गये थे. न केवल राज्य के बल्कि दूसरे राज्यों खासकर बिहार से काफी परीक्षार्थी यहां आये थे. परीक्षा खत्म होने के दूसरे दिन यानि 21 तारीख को जब परीक्षार्थी अपने घर लौट रहे थे, तो एनजेपी स्टेशन पर जमकर हंगामा मचाया था. बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई थी और आगजनी भी की गई थी. आगजनी की वजह से स्टेशन पर आटोमेटिक सिगनलिंग सिस्टम खराब हो गया था. एक अनुमान के मुताबिक डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. इस घटना के बाद रेलवे ने चार सदस्यीय जांच कमेटी बनायी थी. इस कमेटी को दो दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी थी.
तब से लेकर अब तक एक सप्ताह का समय बीत चुका है, लेकिन कमेटी ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. इतना ही नहीं, जीआरपी द्वारा मामला दर्ज किये जाने के बाद भी अब तक इस मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. रेलवे सूत्रों ने बताया है कि प्लेटफार्म पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हो गई है. यदि सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जाये, तो तांडव मचाने वालों की पहचान सहज ही की जा सकती है. लेकिन अभी तक सीसीटीवी फुटेज को खंगालने का काम ही शुरू नहीं हुआ है.
सूत्रों ने आगे बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद तांडव मचाने वालों की पहचान कोई मुश्किल नहीं है. जीतने परीक्षार्थी परीक्षा देने सिलीगुड़ी के विभन्न सेंटरों में आये थे उन सभी के एडमिड कार्ड ऑनलाइन उपलब्ध हैं. उसकी सहायता से तांडव मचाने वालों की पहचान की जा सकती है. इस मामले को लेकर रेलवे के आला अधिकारी कुछ खास बताने से इंकार कर रहे हैं. पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के एरिया मैनेजर पार्थ सारथी शील का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. जांच कमेटी भी शीघ्र ही रिपोर्ट जमा कर देगी. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है. रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लगेगा.
