होम के बच्चों में पलायन प्रवृत्ति रोकने की अनोखी पहल

जलपाईगुड़ी. सरकारी होम से बच्चों के बार-बार भागने की घटना को रोकने के लिए कॉलेज के कुछ छात्र-छात्राओं ने कदम बढ़ाया है. वे होम में रहनेवाले बच्चों के साथ रहकर उनके बारे में जानेंगे और उन्हें कविता, नाटक, कहानी व अभिनय आदि सिखायेंगे. लीगल राइट प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन जलपाईगुड़ी कोरक होम के साथ खड़ा हुआ है. […]

जलपाईगुड़ी. सरकारी होम से बच्चों के बार-बार भागने की घटना को रोकने के लिए कॉलेज के कुछ छात्र-छात्राओं ने कदम बढ़ाया है. वे होम में रहनेवाले बच्चों के साथ रहकर उनके बारे में जानेंगे और उन्हें कविता, नाटक, कहानी व अभिनय आदि सिखायेंगे. लीगल राइट प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन जलपाईगुड़ी कोरक होम के साथ खड़ा हुआ है. संगठन के सदस्य करीब एक महीने तक होम के बच्चों के साथ रहेंगे.

जलपाईगुड़ी रेसकोर्स पाड़ा स्थित समाज कल्याण कार्यालय के अधीन कोरक होम से पिछले चार मई को आठ बच्चे दीवार में सुरंग बनाकर निकल भागे थे. इनमें से छह बच्चों को किसी तरह बरामद किया गया. इसके बाद एक अन्य घटना में खेलने गये दो बच्चे गायब हो गये जिन्हें बाद में बरामद किया गया. होम में 18 वर्ष की उम्र तक बच्चे यहां रह सकते हैं. सुरक्षा व्यवस्था में कमी होने से लेकर बच्चों की ठीक तरह से काउंसलिंग ना करने का आरोप होम प्रबंधन के खिलाफ लग रहा है.

जलपाईगुड़ी लीगल राइट ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष अतींद्र चौधरी ने बताया होम में रहनेवाले बच्चों की समस्या उनके साथ रहकर ही जानी जा सकती है. बच्चों में पलायन करने की मानसिकता तेजी से बढ़ रही हैं, जिसे रोकने आवश्यक है. इसी वजह से हमलोगों ने एक महीना इन बच्चों के साथ बिताने का निर्णय लिया है. बच्चों के साथ घुल मिलकर उनकी समस्याओं को जानने के अतिरिक्त उन्हें विभिन्न तरह के खेल, कविता पाठ, कहानी, नाटक आदि करके मनोरंजन का तरीका सिखाया जायेगा.

होम प्रभारी प्रणय दे ने बताया कि होम के बच्चों में पलायन की मानसिकता को रोकने के लिए कई कदम उठाये गये हैं. होम प्रबंधन की सहायता के लिए शहरवासियों से भी अपील की गयी थी. एक संगठन ने हाथ बढ़ाया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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